जागरण संवाददाता, जम्मू : श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने बुधवार को राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए डॉ. उत्तम चंद शास्त्री पाठक स्टेट अवार्ड शुरू करने का आग्रह किया। शास्त्री ने कहा कि देववाणी संस्कृत को भी अन्य भाषाओं की तरह विशिष्ट दर्जा मिलना चाहिए। संस्कृत स्कॉलर्स को स्कॉलरशिप और नौकरियों में आरक्षण मिलना चाहिए। इस मौके पर रोहित शास्त्री ने उपराज्यपाल को रामचरित मानस भेंट किया।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर राज्य में संस्कृत संस्थाओं की कमी के कारण संस्कृत-छात्रों को पर्याप्त अवसर तथा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। रियासी, ऊधमपुर, किश्तवाड़, डोडा, रामबन आदि पहाड़ी एवं दूरदराज इलाकों के छात्रों को तो संस्कृत अध्ययन का मौका ही नहीं मिल पाता। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, ककरयाल, कटड़ा, बाबा गुलाम बादशाह विश्वविद्यालय, राजौरी एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू में संस्कृत विभाग होना चाहिए। रोहित शास्त्री ने कहा कि माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में इसी वर्ष से संस्कृति की पढ़ाई शुरू होनी चाहिए। राजस्थान प्रदेश की तर्ज पर जम्मू कश्मीर में भी संस्कृत मंत्रालय की स्थापना की जानी चाहिए। जम्मू कश्मीर संस्कृत अकादमी एवं जम्मू कश्मीर संस्कृत संस्थान की स्थापना की भी शास्त्री ने मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा वैदिक स्टडीज के रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार को जल्द प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। देववाणी संस्कृत को भी अन्य भाषाओं की तरह विशिष्ट दर्जा मिलना चाहिए। संस्कृत स्कॉलर्स को स्कॉलरशिप और नौकरियों में आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की भूमि शैव दर्शन का सनातन केंद्र रही है। इसी पावन पवित्र भूमि पर प्रत्यभिज्ञा दर्शन के संस्थापक आचार्य अभिनवगुप्त, महाकवि कल्हण, महाकवि विल्हण एवं अनेक प्राचीन संस्कृत मनीषियों का उछ्वव हुआ है। जिन आचार्यों ने अपने कर्मरूपी तप से न केवल भारतवर्ष को अपितु संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरोने का मार्गप्रशस्त किया था। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने महंत रोहित शास्त्री को आश्वासन दिया कि वह निश्चित रूप से उपरोक्त विषय पर गम्भीरता से विचार करेंगे। जल्द ही वे जम्मू कश्मीर में अभिनव गुप्त संस्थान खोलने जा रहे हैं।

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