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जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग में बादल फटने से भीषण तबाही, रिहायशी इलाके में भारी नुकसान

Published: Sun, 12 Jul 2026 05:11 PM (GMT+05:30)

अनंतनाग के चित्रगुल क्षेत्र में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ ने कृषि भूमि, सेब के बागों और धान की ...और पढ़ें

अनंतनाग में बादल फटने से तबाही। प्रतीकात्मक तस्वीर

अनंतनाग में बादल फटने से तबाही। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. अनंतनाग के चित्रगुल में बादल फटने से व्यापक तबाही

  2. सेब के बाग, धान की फसलें और रिहायशी इलाके प्रभावित

  3. प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया, ग्रामीण मुआवजे की मांग

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चित्रगुल क्षेत्र के नाला छोटीहाल में बादल फटने की घटना के बाद अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में कृषि भूमि, सेब के बाग, धान की फसलें और कई रिहायशी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रशासन ने राहत कार्यों के साथ-साथ आगे की आवश्यक एहतियाती कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ का पानी कई घरों में घुस गया, जिससे धान के खेत, सेब के बाग और अन्य कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा। प्रभावित ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

स्थानीय निवासी मंजूर अहमद खान ने बताया कि इस आपदा ने किसानों की आजीविका पर गहरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में सेब के बाग और धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने सरकार से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए शीघ्र मुआवजा देने की अपील की।

मंजूर अहमद ने घटना की भयावहता का जिक्र करते हुए कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़ने पड़े। उन्होंने बताया कि पानी घरों के साथ-साथ मस्जिद तक में भर गया था और चारों ओर तबाही का मंजर था। एक अन्य स्थानीय निवासी रईस अहमद ने बताया कि शनिवार शाम करीब सात बजे बादल फटने के बाद पहाड़ों से तेज बहाव के साथ आया पानी चिटरगुल अपर में बहने वाले नाले का रुख बदल गया, जिससे धान के खेतों, बाग-बगीचों और मकानों को भारी नुकसान पहुंचा।

उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर हो गए थे कि कई परिवारों को अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार से निष्पक्ष सर्वे कर प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की।

रईस अहमद ने यह भी बताया कि छतपाल क्षेत्र से आए बाढ़ के पानी ने मुख्य सड़क को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे इलाके में आवाजाही प्रभावित हुई है। उन्होंने उपायुक्त अनंतनाग से चित्रगुल, चकलिपोरा और ब्रिमर क्षेत्रों में बागवानी और कृषि क्षेत्र को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कराने की अपील की।

स्थानीय निवासी इश्फाक अहमद खान ने कहा कि इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। उन्होंने सरकार से स्वयं मौके पर पहुंचकर नुकसान का भौतिक सत्यापन करने और प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि बाढ़ से बाग-बगीचों, कृषि भूमि, पशुधन और सड़क संपर्क को भारी नुकसान पहुंचा है। रातभर लोग भय के कारण अपने घर छोड़कर सड़कों और मस्जिदों में शरण लेने को मजबूर रहे। जिला प्रशासन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमें तैनात कर दी गई हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक राहत तथा एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।