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कड़ी सुरक्षा में आज से जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र शुरू, कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष; BJP ने बनाई रणनीति

Published: Mon, 21 Sep 2026 06:00 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सात दिवसीय सत्र सोमवार से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू होगा। विपक्षी दल भाजपा और पीडीपी रोजगार, ...और पढ़ें

कड़ी सुरक्षा में आज से जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र शुरू। फाइल फोटो

कड़ी सुरक्षा में आज से जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र शुरू। फाइल फोटो

HighLights

  1. जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र सोमवार से कड़ी सुरक्षा में होगा शुरू।

  2. भाजपा, पीडीपी रोजगार, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगी।

  3. सत्र की कम अवधि पर भी विपक्षी दल उठाएंगे सवाल।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सात बैठक वाला शरद सत्र सोमवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू होगा। सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। सत्र के दौरान मुख्य विपक्षी दल भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) व अन्य ने रोजगार, चुनावी वादों को पूरा करने में कथित विफलता और अन्य मुद्दों पर उमर अब्दुल्ला सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार, सत्र की शुरुआत 21 सितंबर सोमवार को शोक प्रस्तावों के साथ होगी और अगले दिन सरकारी कामकाज पर चर्चा होगी। 24 सितंबर को प्राइवेट मेंबर्स के बिलों पर चर्चा होगी और उसके अगले दिन प्राइवेट मेंबर्स के प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।

28 सितंबर को सदन फिर से प्राइवेट मेंबर्स के बिलों पर चर्चा करेगा जिसके बाद 29 और 30 तारीख को सरकारी कामकाज होगा।

शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में देरी जैसे मुद्दे शामिल

वहीं, सत्र में मुद्दों को उठाने के लिए सभी दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा नेशनल कान्फ्रेंस सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगा रही है।

भाजपा की रणनीति में सरकारी नौकरियों की आउटसोर्सिंग, सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और पंचायत तथा शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में देरी जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा बिजली दरों में बढ़ोतरी और चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का मुद्दा भी सदन में उठाने की तैयारी है।

वहीं, पीडीपी ने कहा कि वह विधानसभा सत्र के दौरान बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों की आउटसोर्सिंग, आरक्षण नीति और सरकारी सेवाओं में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाएगी।इसके अतिरिक्त सरकार का समर्थन कर रही कांग्रेस भी सरकार को कई मुद्दों पर घेरेगी।

सात दिनों तक चलेगा सत्र

सत्तारूढ़ नेशनल कान्फ्रेंस भी विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देने के लिए अपने आप को तैयार कर रही है। इसके लिए पार्टी अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने कमान संभाली है। वे विधानसभा के सदस्य तो नहीं है लेकिन पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते वह बैठक कर रणनीति बना रहे हैं।

हालांकि, यह सत्र मात्र सात दिनों का ही है। यही कम अवधि सरकार के लिए सिरदर्द भी बन रही है। सत्र की कम अवधि का मुद्दा भाजपा, पीडीपी के साथ कांग्रेस भी उठा रही है।

वहीं सत्र को देखते हुए विधानसभा कांप्लेक्स तथा इसकी ओर जाने वाले सभी मागों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का स्वयं जायजा ले रहे हैं।