जम्मू, जागरण संवाददाता। खानपुर के जंबू जू निर्माण में आया ठहराव केंद्र सरकार द्वारा जारी नई गाइड लाइन से अब जल्दी दूर होगा। कैंपा (कंपनसेटरी एफॉरेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग एडवाइजरी) की फंडिंग बंद होने के बाद वन्यजीव संरक्षण विभाग द्वारा नए सिरे से पेश की गई डीपीआर को वित सचिव की मंजूरी मिल गई है। ऐसे में अब स्टेट एडमनिस्ट्रेटिव कौंसिल (एसएसी) की बैठक में हरी झंडी मिलते ही जंबू जू को सीधे राज्य सरकार, प्रशासन से फंडिंग मिलना शुरू हो जाएगी। जंबू जू का रुका हुआ काम शुरू हो जाएगा।

229 हेक्टेयर भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से जू चरणबद्ध तरीके से बनाया जाएगा

केंद्र सरकार ने पिछले समय में गाइड लाइन जारी की थी कि कैंपा के फंड का इस्तेमाल जू के लिए नहीं किया जा सकता। इससे जंबू जू के निर्माण का काम भी ठप पड़ गया था। 229 हेक्टेयर भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से जू चरणबद्ध तरीके से बनाया जाना है। इसके लिए जम्मू के लोगों को बेसब्री से इंतजार है। डेढ़ साल के ठहराव के बाद अब जू के लिए रास्ता क्लीयर होता नजर आने से जम्मू में भी उत्साह बना है। इसी के साथ वन्यजीव अधिकारियों की सरगर्मी भी जू की ओर बढ़ गई हैं। चिड़ियाघर के अंदर कुछ हिस्सों में निर्माण का काम चल भी रहा है। कैफेटेरिया व अवेयरी बनाने का काम जारी है। इसके अलावा व्यू प्वांइट, लेपर्ड के बसेरे बनाए जा चुके हैं। चिड़ियाघर क्षेत्र की फेंसिंग की जा चुकी है। 70 फुट ऊंचे प्रवेश द्वार का बचा काम भी अब जल्दी ही पूरा कराया जाएगा।

पर्यटकों के लिए मंगाई गई 10 सफारी गाड़ियां

चिड़ियाघर में वन्यजीवों के बसेरों तक पहुंचने के लिए बैटरी कार (जू सफारी) का इस्तेमाल होगा। वन्यजीव संरक्षण विभाग ने 10 गाड़ियों का बंदोबस्त कर लिया है। खानपुर जंबू जू के वार्डन अमित शर्मा का कहना है कि कैंपा की फंडिंग बंद होने से दिक्कतें जरूर आई मगर अब सब ठीक होने जा रहा है। जम्मू के लोगों की उम्मीदें जल्दी पूरी होंगी। लोगों का कहना है कि जम्मू चिड़ियाघर कायाकल्प हो जाए तो लोगों को काफी सुविधा होगी।

यह बनेगा चिड़ियाघर में

जम्मू जू में बटर फ्लाई गार्डन बनेगा, जिसमें कई तरह के ऐसे फूल लगेंगे जिससे तितलियां इस ओर आकर्षित हों। इसके अलावा शेर, चीते, तेंदुए के बसेरे बनाए जाएंगे। एक कृत्रिम झील तैयार होगी जहां रंग-बिरंगे नायाब पक्षियों को रखा जाएगा। लोगों के घूमने के लिए हरे-भरे पार्क होंगे। जू सफारी, साइकिलिंग का भी अंदर आनंद लिया जा सकेगा। जंबू जू क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए पिछले समय में दस हजार पौधे यहां पर लगाए गए। ऐसे ही समय-समय पर पौधे लगाए जाएंगे ताकि हरियाली बनी रहे। तेंदुआ, चीता, शेर, हिरण, काला व भूरा भालू, सांभर, बार्किग डीयर, नीलगाय, मोर, अजगर, बारह सिंगा, फिङ्क्षशग मगरमच्छ शामिल हैं।

पर्यटन को मिलेगा बल

नगरोटा क्षेत्र के समाज सेवक सुभाष का कहना है कि जंबू जू के निर्माण का क्षेत्र के लोगों को इंतजार है। जल्दी ही यह जू बने ताकि यहां पर लोगों के कारोबार भी खुल सकें और पर्यटकों का आना-जाना शुरू हो सके। जम्मू का आर्थिक विकास पर्यटकों पर निर्भर है। वहीं समाज सेवक रनदीप सिंह परिहार ने कहा कि जंबू जू उत्तर भारत का एक प्रमुख चिड़ियाघर है जो पर्यटकों को खींचेगा। इस चिड़ियाघर को जल्दी बनाया जाना चाहिए।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस