जम्मू, जागरण संवाददाता : जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की पिछले 13 दिनों चल रही हड़ताल दिन प्रतिदिन कड़ी होती जा रही है। हालांकि अभी तक आधा दर्जन से अधिक बार अधिकारियों व हड़ताली कर्मियों में बैठकें हो चुकी हैं मगर इन बैठकों से कुछ नहीं आया आया है। हड़ताली कर्मियों को प्रमुख मांग यह है कि अस्थायी कर्मियों को नियमित किए जाने की नीति बनाई जाए।

हड़ताली कर्मी अपनी मांगे मनवाने पर अड़े हुए हैं मगर प्रशासनिक अधिकारी सरकार के समक्ष यह मामला रखने के लिए और समय दिए जाने की मांग कर रहे हैं। हड़ताली कर्मियों के अधिकारियों के साथ चले वार्ताओं के दौर में भी कोई सहमति नहीं बन पाई। सोमवार को भी इन कर्मियों ने बीसी रोड स्थित जलशक्ति विभाग के कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और जमकर नारे लगाए।

इन कर्मियों ने कहा कि पिछले 5 साल से प्रशासन को समय ही तो देते आए हैं मगर प्रशासन ने महज कोरे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं किया। ऐसे में हमें हड़ताल पर उतरना पड़ रहा है। रवि हंसा का कहना है कि अब हम पीछे हटने वाले नहीं। जब तक हमारी मांगों को लेकर कोई रोड मैप तैयार नही होता, हड़ताल लगातार जारी रहेगी।

कार्यकर्ताओं ने जलशक्ति विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि समय पर विभाग ने गंभीरता दिखाई होती तो आज यह समस्या नहीं होती। मौके पर इन कर्मियों ने कहा कि आने वाले दिनों में हड़ताल को और तेज किया जाएगा।

वहीं लंबी खिच रही हड़ताल से बनी पेयजल की किल्लत से आम लोग परेशान होने लगे । शहर के लोगों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को चाहिए कि हड़ताली कर्मियों से बात करे और अगर उनकी मांगे जायज है तो उनको मान लिया जाना चाहिए। आखिर लोगों तक पेयजल पहुंचना बड़ा काम है और इसमें तैनात कर्मियों के साथ इंसाफ तो होना चाहिए। 

Edited By: Rahul Sharma