श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। जैश-ए-मोहम्मद के एक दर्जन आतंकियों के सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने की सूचना के बाद पूरी वादी में अलर्ट कर दिया गया है। इन आतंकियों को पकड़ने के लिए दक्षिण कश्मीर के शोपियां और त्राल के ऊपरी इलाकों में विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया गया है। इन आतंकियों की सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी वायरल हुई हैं। हालांकि, पुलिस व सैन्य अधिकारी जैश के इस नए दस्ते की आमद से इनकार कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि जैश के इस नए दल में शामिल सभी आतंकी पाकिस्तानी मूल के ही हैं। इनमें से कुछ की आयु 35 साल से ऊपर है, जो अफगानिस्तान में भी लड़ चुके हैं। चार आतंकी जख्मी हैं। कुछ लोगों ने दावा किया है कि यह एलओसी पर घुसपैठ के समय सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में जख्मी हुए हैं, जबकि कुछ का दावा है कि एलओसी पर बर्फीली चोटियों को पार करते हुए फ्रास्ट बाइट का शिकार हुए हैं। जैश के इन आतंकियों में से एक का नाम खुबाव और एक अन्य का नाम उमैर बताया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि ये आतंकी दक्षिण कश्मीर में तथाकथित तौर पर पहुंच चुके हैं और वहां से अलग-अलग गुटों में बंट गए हैं। एक गुट त्राल के ऊपरी हिस्से में है और एक अन्य जिला बड़गाम की पहाडि़यों में छिपा है। कुछ आतंकी शोपियां व कुलगाम में अपने सेफ हाउस में चले गए हैं।

हालांकि, इन आतंकियों द्वारा कश्मीर में घुसपैठ के रास्ते की सही जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि यह गुलमर्ग सब सेक्टर के रास्ते से आए हैं और बड़गाम के रास्ते ही शोपियां तक पहुंचे हैं, जबकि कुछ टंगडार-गुरेज की तरफ से आकर बांडीपोर व कंगन के ऊपरी हिस्सों से होते हुए दक्षिण कश्मीर की तरफ पहुंचने का दावा कर रहे हैं।

आतंकरोधी अभियानों में हिस्सा ले रहे एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जैश के नए आतंकियों की सरहद पार से घुसपैठ और दक्षिण कश्मीर में उनके पहुंचने की अभी कोई पुष्टि नहीं की जा सकती। इस संदर्भ में कोई पक्का साक्ष्य नहीं मिला है।

सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरों के आधार पर घुसपैठ को सही नहीं माना जा सकता, लेकिन हम किसी भी अफवाह को नकार नहीं सकते। इसलिए दक्षिण कश्मीर में जैश के प्रभाव वाले सभी इलाकों में विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया रहा है।

उन्होंने कहा कि इस समय जम्मू कश्मीर में निकाय व पंचायत चुनाव के मद्देनजर भी सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त है। चारों तरफ सुरक्षाबल ही सुरक्षाबल हैं, ऐसे हालात में आतंकी कैसे एलओसी पार कर भीतरी इलाकों में पहुंचेंगे।

Posted By: Preeti jha

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