IRCTC का खास पैकेज! जम्मू से चलेगी भारत गौरव ट्रेन, रामेश्वरम से तिरुपति तक तीर्थ यात्रा का मौका, जानें किराया
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) 14 नवंबर को जम्मू से दक्षिण भारत की आध्यात्मिक यात्रा के लिए भारत ...और पढ़ें

जम्मू से 14 नवंबर को रवाना होगी भारत गौरव ट्रेन। (फाइल फोटो)
HighLights
IRCTC की भारत गौरव ट्रेन 14 नवंबर को जम्मू से चलेगी।
13 दिन की यात्रा में दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थल शामिल।
रामेश्वरम, मदुरै, तिरुपति, कन्याकुमारी, मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन।
जागरण संवाददाता, जम्मू। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) श्रद्धालुओं के लिए दक्षिण भारत की आध्यात्मिक यात्रा का आयोजन करने जा रहा है। इसके लिए भारत गौरव विशेष पर्यटक ट्रेन 14 नवंबर को जम्मू से रवाना होगी। यह यात्रा 12 रात और 13 दिन की होगी और 26 नवंबर को वापस जम्मू पहुंचेगी।
इस यात्रा में श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाए जाएंगे। यात्रा के दौरान रामेश्वरम के श्री रामनाथस्वामी मंदिर, मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों, तिरुपति के भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर और मार्कापुर के मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे।
यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में जम्मू के अलावा पठानकोट, अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, मोहाली, चंडीगढ़, अंबाला छावनी, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, दिल्ली सफदरजंग, मथुरा, आगरा छावनी, ग्वालियर और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से सवार होने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
तीन श्रेणियों में बुकिंग
यात्रा के लिए तीन श्रेणियां रखी गई हैं। अर्थव्यवस्था श्रेणी में 480 सीटें हैं, जिसका शुल्क 26,895 रुपये रखा गया है। मानक श्रेणी में 210 सीटें उपलब्ध हैं और इसका शुल्क 42,605 रुपये है। वहीं सुविधा श्रेणी में 50 सीटें हैं, जिसके लिए 56,830 रुपये देने होंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा इंतजाम
यात्रा शुल्क में रेल यात्रा, भोजन, ठहरने की व्यवस्था, बस से स्थानीय आवागमन और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल है। यात्रियों के लिए यात्रा के दौरान सहायक दल, साफ-सफाई, सुरक्षा और चिकित्सकीय सहायता की भी व्यवस्था रहेगी।
आइआरसीटीसी के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराने के साथ देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।
