जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एसआरटीसी) की यात्री बसों को अंतरराज्यीय सेवा के लिए खोल दिया है। कोरोना से सुधर रहे हालात को देखते हुए सरकार ने यात्रियों को एक बढ़ी राहत दी है।

एसआरटीसी की यात्री बसों में अंतरराज्यीय यात्रा करने की उन यात्रियों को ही इजाजत दी जाएगी जिन्होंने वैक्सीनेशन करवाई है या आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया है। टेस्ट 72 घंटे से पुराना नहीं होना चाहिए। मौके पर रैट टेस्ट करवा कर आने वाले यात्री को भी यात्रा की इजाजत होगी। यह फैसला मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में हुई राज्य कार्यकारी समिति ने 25 सितंबर 2021 को हुई बैठक में लिया गया। अन्य दिशा निर्देश अगले आदेश तक जारी रखने का फैसला किया है।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रमुख सचिव, जम्मू और कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, पुलिस अधिकारियों के साथ जम्मू कश्मीर में कोरोना की स्थिति का 25 सितंबर, 2021 जायजा लिया। राज्य कार्यकारी समिति ने आपदा प्रबंधन कानून 2005 की धारा 24 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए कहा कि कोरोना पर अंकुश पाने के लिए दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित बनाने के साथ राहत देेते हुए एसआरटीसी की यात्री बस सेवा को अंतरराज्यीय सेवा के लिए खोल दिया।

पहले एसआरटीसी समेत सभी यात्री वाहन जम्मू कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में यात्रियों को छोड़ते थे। वहां पर चेकिंग के बाद यात्री थोड़ा पैदल चलकर पंजाब व अन्य राज्यों से आई बसों में बैठते थे। बता दें कि जम्मू कश्मीर में कोरोना संक्रमित मामलों में आ रही कमी को देखते हुए सरकार ने पहले ही उन जिलों में बैंक्वेट हाल में मेहमानों की संख्या 50 तक करने का फैसला किया है जिनमें कोरोना संक्रमित दर 0.2 फीसद से कम है और साप्ताहिक मामलों की संख्या 250 से कम है।

वैक्सीनेशन वाले लोगों को बैंक्वेट हाल में जाने की इजाजत है। जम्मू कश्मीर के किसी भी जिले में वीकेंड कर्फ्यू नहीं है। रात के कर्फ्यू का समय तो रात आठ बजे से लेकर सुबह सात बजे तक है मगर उन जिलों में रात का कर्फ्यू रात दस बजे से सुबह छह बजे तक रखा गया है, जिनमें कोरोना संक्रमित दर 0.2 फीसद से कम है और साप्ताहिक मामलों की संख्या 250 से कम है।

इंडोर और आउट डोर समारोहों में लोगों के इकट्ठा होने की संख्या पहले की तरह 25 ही रखने का फैसला किया गया है। पालीटेक्निक कालेजों व आइटीआइ संस्थानों को पचास फीसद विद्यार्थियों की क्षमता के साथ खोलने के आदेश पहले ही दिए गए हैं। सरकार पहले ही बारहवीं, दसवीं कक्षा के अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की इजाजत दे चुकी है। अन्य दिशा निर्देश पहले की तरह जारी रहेंगे।