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जम्मू: चलती ट्रेन में कार्डियक अरेस्ट, वंदे भारत में बच्चे को पड़े दौरे; 3 यात्रियों के लिए देवदूत बने रेलकर्मी

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:49 AM (IST)

उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के रेलकर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए तीन अलग-अलग ट्रेनों में तीन यात्रियों की जान बचाई। ...और पढ़ें

रेलकर्मियों की सूझबूझ से तीन यात्रियों को मिला नया जीवन। (फाइल फोटो)

रेलकर्मियों की सूझबूझ से तीन यात्रियों को मिला नया जीवन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. रेलकर्मियों ने जम्मू मंडल में तीन यात्रियों की जान बचाई।

  2. कार्डियक अरेस्ट, अस्थमा, दौरे में तत्काल चिकित्सा सहायता दी।

  3. वरिष्ठ अधिकारी ने कर्मचारियों की सराहना की, प्रशिक्षण जारी रहेगा।

जागरण संवाददाता, जम्मू। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के रेलकर्मियों ने सतर्कता का परिचय देते हुए तीन अलग-अलग ट्रेनों में तीन यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। महिला को कार्डियक अरेस्ट, बुजुर्ग को अस्थमा का गंभीर दौरा और तीन वर्षीय बच्चे को दौरे पड़ने पर रेलकर्मियों ने तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई।

पहली घटना अमरनाथ एक्सप्रेस की है। ट्रेन के प्रवेश द्वार के पास महिला यात्री स्वीटी कुमारी अचानक कार्डियक अरेस्ट आने से बेहोश होकर गिर पड़ीं। मुख्य टिकट निरीक्षक तरसेम लाल और टिकट जांच कर्मचारी दीपक ने तुरंत एंबुलेंस बुलवाकर महिला को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

वहीं, दूसरी घटना जम्मू-दिल्ली ऊधमपुर दिल्ली एसी स्पेशन की है। कोच बी-11 की सीट संख्या 51 पर यात्रा कर रहे 60 वर्षीय राकेश कुमार को अस्थमा का गंभीर दौरा पड़ा। टिकट जांच कर्मचारी अजय कुमार ने तुरंत अंबाला कंट्रोल से संपर्क किया। इसके बाद अगले ठहराव पर यात्री को जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध करवाई गईं।

तीन वर्षीय बच्चे को पड़े दौरे

तीसरी घटना बुधवार को जम्मू से श्रीनगर जा रही वंदे भारत के कोच सी-17 में पेश आई। तीन वर्षीय बच्चे को अचानक दौरे पड़ने लगे। टिकट जांच कर्मचारियों और श्रीनगर स्टेशन अधीक्षक ने राजकीय रेलवे पुलिस तथा रेलवे सुरक्षा बल के सहयोग से उजाला अस्पताल की एंबुलेंस मंगवाई। बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कर्मचारियों की सराहना करते हुए बताया कि आनलाइन माध्यम से 80 रेलकर्मियों के साथ संवाद किया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों की जरूरतों के प्रति कर्मचारियों को संवेदनशील बनाना और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता सुनिश्चित करना है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।