कश्मीर में 2 महिला बटालियनों की भर्ती की प्रक्रिया जोरों पर, पुलिस कर्मी बनने के लिए दिखा रही दम
अब फिजिकल टेस्ट में पास हो चुकी कश्मीर की इन महिलाओं के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन होना है। पुलिस की ओर से जल्द लिखित परीक्षा तिथि की घोषणा की जाएगी। जम्मू कश्मीर में गठित हो रही दो महिला पुलिस बटालियनें कानून एवं व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग देंगी।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर में गठित हो रही दो महिला पुलिस बटालियनों में भर्ती होने के लिए क्षेत्र की महिलाएं बडगाम के हुमहामा स्थित ट्रैनिंग ग्राउंड में दम दिखा रही है। दो दिनों में क्षेत्र की 1823 महिलाओं को फिजिकल टेस्ट में हिस्सा लेना है।
पहले दिन कश्मीर के बांडीपोरा, बारामूला, बडगाम व कुपवाड़ा की 729 महिलाओं ने पुलिसकर्मी बनने के लिए दौड़ लगाई। वहीं दूसरे दिन अनंतनाग, गांदरबल, कुलगाम, पुलवामा, शोपियां व श्रीनगर की 655 महिलाएं मैदान में आई। वहीं दूसरी ओर 797 महिलाएं गत वर्ष जून महीने में हुए फिजिकल टेस्ट में पास हो चुकी हैं। फिजिकल टेस्ट में अब तक 1633 उम्मीदवार पास हो चुके हैं।
इसी बीच अब फिजिकल टेस्ट में पास हो चुकी कश्मीर की इन महिलाओं के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन होना है। पुलिस की ओर से जल्द लिखित परीक्षा के लिए तिथि की घोषणा की जाएगी। जम्मू कश्मीर में गठित हो रही दो महिला पुलिस बटालियनें कानून एवं व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग देंगी। भर्ती की प्रक्रिया को जल्द से जल्द खत्म किया जाएगा।
अलग योजनाओं को अलग श्रेणी में पेश किया जाए : वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों से कहा है कि वह केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश के हिस्से के लिए अलग योजनाओं को अलग अलग श्रेणी में वित्त विभाग की सलाह के साथ पेश करें। जिसमें यह बताया जाए कि केंद्र सरकार का हिस्सा कितना होगा। उसी हिसाब से केंद्र शासित प्रदेश के हिस्से को बताया जाए। अगर केंद्र सरकार के किस्से की जानकारी उपलब्ध नहीं है तो स्क्रीनिंग कमेटी के पास कार्य योजना में पेश किया जाए ताकि केंद्र व राज्य के हिस्से की जानकारी दी जाए। जिन योजनाओं की घोषणा बंद या आगे जारी नहीं रखने के लिए हुई है, उनको पेश नहीं किया जाना चाहिए।
विभाग जब बजट का आकलन करें तो उन्हें बताना चाहिए कि इसमें केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश का मौजूदा समय में कितना हिस्सा है। साथ ही खर्च नहीं की गई धनराशि का ब्याेरा दिया जाए। वित्त विभाग ने केंद्र सरकार के वित्त विभाग के 23 मार्च 2021 के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि प्रत्येक केंद्र प्रायोजित योजना की प्राप्ति और पेमेंट के लिए अलग से नोडल अकाउंट खोले जाने चाहिए जिसमें केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश के धनराशि के हिस्से का जिक्र हो। यह पाया गया है कि इस आदेश को पूरी तरीके से लागू नहीं किया जा रहा। केंद्र शासित प्रदेश के हिस्से का सही आंकलन करने के दिन आए केंद्र के हिस्से को पेश कर दिया जाता है जिससे वित्त विभाग और प्रशासनिक विभागों को बाद में परेशानी होती है।

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