श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। भारत में अस्थिरता और अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान हमेशा जंगबंदी का उल्लंघन करता है और आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में धकेलने का प्रयास करता है। इस समय भी उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार करीब 170 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। यह दावा वीरवार को आइजी बीएसएफ सोनाली मिश्रा ने किया।

उन्होंने वीरवार को हुमहामा स्थित एसटीसी बीएसएफ में शहीद कांस्टेबल एसके मुरमु को एक भावपूर्ण समारोह में अंतिम श्रद्घांजलि अर्पित करने के बाद एलओसी के मौजूदा हालात पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह बात कही। गौरतलब है कि मंगलवार को टंगडार सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में बीएसएफ कर्मी एसके मुरमु शहीद हो गए थे। वह जमूई, बिहार के रहने वाले थे।

उनका पार्थिव शरीर आज पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ हवाई जहाज से उनके परिजनों के पास भेजा गया। शहीद को अंतिम श्रद्घांजलि अर्पित करने के बाद आइजी बीएसएफ ने कहा कि पाकिस्तान नहीं चाहता कि भारत में शांति और स्थिरता रहे। वह भारत के साथ सामान्य और दोस्ताना संबंधों का भी इच्छुक नहीं है। इसलिए सरहदी इलाकों में अक्सर जंगबंदी का उल्लंघन करते हुए जंग का माहौल बनाए रखना चाहता है। मंगलवार और बुधवार को भी उसने इसी मंसूबे से हमारे ठिकाने पर गोलाबारी की थी, लेकिन बीएसएफ और सेना के जवानों ने मिलकर मुंहतोड़ जवाब दिया है।आइजी ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हमारे खुफिया नेटवर्क के अनुसार, बुधवार को दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं।

जंगबंदी के उल्लंघन की आड़ में घु़सपैठ के संदर्भ में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आतंकियों को इस तरफ धकेलने का पाकिस्तान कोई भी अवसर अपने हाथ से नहीं जाने देता। इस समय भी गुलाम कश्मीर में एलओसी पर स्थित विभिन्न लांचिंग पैड पर करीब 170 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं, लेकिन बीएसएफ और सेना के जवान पूरी तरह मुस्तैद हैं। वह घुसपैठ को नाकाम बनाने से लेकर पाकिस्तानी सेना के हर दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने में समर्थ हैं।

बौखलाई पाक सेना ने उड़ी में रिहायशी क्षेत्रों में दागे गोले 

उधर, उत्तरी कश्मीर के टंगडार सेक्टर में मुंह की खाने से हताश पाकिस्तानी सैनिकों ने वीरवार को उड़ी (बारामुला) सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर भारत के नागरिक ठिकानों पर गोले बरसाए। इसमें तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। भारतीय जवानों ने भी जवाबी प्रहार किया। इसके बाद पाकिस्तानी बंदूकें शांत हो गईं, लेकिन उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे इलाकों में तनाव बना हुआ है। अग्रिम इलाकों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही सेना ने अग्रिम इलाकों में घुसपैठ व बार्डर एक्शन टीम (बैट) के हमले की आशंका को देखते हुए सघन तलाशी अभियान चला रखा है।

बीते चार दिनों में पाकिस्तानी सेना द्वारा उड़ी सेक्टर में संघर्ष विराम उल्लंघन का यह दूसरा और उत्तरी कश्मीर में चौथा मामला है। गत सोमवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने उड़ी सेक्टर के इसी इलाके में भारतीय ठिकानों पर गोलाबारी की थी, जिसमें तीन ग्रामीण जख्मी हुए थे। मंगलवार को टंगडार सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था और गत बुधवार को भारतीय सेना की कार्रवाई में एक पाकिस्तानी चौकी तबाह होने के अलावा दो पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए थे।

संबंधित अधिकारियों ने बताया वीरवार सुबह आठ बजे गुलाम कश्मीर के हाजीपीर सेक्टर में तैनात पाकिस्तानी सैनिकों ने उड़ी सेक्टर के चुरंडा, तिल्लावारी व उसके साथ सटे अग्रिम गांवों व सैन्य चौकियों को निशाना बनाया, जिस इलाके में गोलाबारी हुई वह रुस्तम और टीका चौकियों के दायरे में आता है।पाकिस्तानी गोलाबारी में हालांकि किसी प्रकार के सैन्य नुकसान की कोई सूचना नहीं है, लेकिन इस दौरान तिलावारी गांव में लासा नजार, मुनीर अहमद और जवाहरा बेगम के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन किसी ग्रामीण को कोई चोट नहीं पहुंची।भारतीय जवानों ने भी पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान उसकी एक निगरानी चौकी के पास से भारी धुंआ और आग की लपटें भी निकलती देखी गई, लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों को क्या नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई थी।

Posted By: Preeti jha

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