जम्मू, जागरण संवाददाता। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अब अपना पासपोर्ट बनाने से पहले विजिलेंस से क्लीयरेंस लेनी पड़ेगी। यानि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी पासपोर्ट के लिए आवेदन करता है तो उसे यह जानकारी अपने संबंधित विभाग को देनी पड़ेगी और विभाग की ओर से उसे विजिलेंस क्लीयरेंस दिए जाने के बाद ही उसे पासपोर्ट मिलेगा।

जम्मू कश्मीर के मुख्य प्रशासनिक विभाग ने वीरवार को यह आदेश जारी किए हैं। विभाग की ओर से यह आदेश केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों पर नकेल कसने वाले एंटी क्रप्शन ब्यूरो की मांग पर जारी किए गए हैं। ब्यूरो ने सरकार से अपील की थी कि उन कर्मचारियों, अधिकारियों के नाम पासपोर्ट जारी न किए जाएं जिनके खिलाफ जांच चल रही हो। इसलिए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए उनके विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य किया जाए, ताकि भ्रष्ट कर्मचारियों के देश छोड़ कर बाहर जाने की आशंकाओं को समाप्त किया जा सके।

किसी भी व्यक्ति को पासपोर्ट जारी करने से पहले सीआइडी जांच करती है ताकि आवेदन के खिलाफ कोई अपराधिक मामला दर्ज तो नहीं है या आवेदक देश विरोधी गतिविधियों में तो संलिप्त नहीं रहा है। सीआइडी की रिपोर्ट आने के बाद ही फैसला लिया जाता है कि आवेदक को पासपोर्ट दिया जाएगा या नहीं। अभी तक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी यही मापदंड थे लेकिन अब उन्हें विजिलेंस क्लीयरेंस भी लेनी पड़ेगी।

मुख्य प्रशासनिक विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने जारी किए हैं 

मुख्य प्रशासनिक विभाग ने इस संदर्भ में सभी सरकारी विभागों के हेड को निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को आवेदन की तिथि के समय से ही विजिलेंस क्लीयरेंस लेनी पड़ेगी यानि उसे ताजा क्लीयरेंस देनी पड़ेगी। यह आदेश मुख्य प्रशासनिक विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने जारी किए हैं।  

Edited By: Vikas Abrol