श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। प्रवर्तन निदेशालय ने अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की 19 वर्षीय बेटी समा शब्बीर को अपने पिता से संबंधित हवाला और मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। हालांकि इस मामले के दर्ज किए जाने के समय वह मात्र पांच साल की थी। इंग्लैंड के मानचेस्टर में कानून की पढ़ाई कर रही समा शब्बीर को उसके श्रीनगर स्थित घर के पते पर समन भेजा गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने उसे 18 अप्रैल और उसके बाद बुधवार को तलब किया था।

जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी के चेयरमैन शब्बीर शाह को टेरर फंङ्क्षडग से जुड़े वर्ष 2005 के एक मामले में 25 जुलाई 2017 को गिरफ्तार किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने अगस्त 2005 में दर्ज मामले की दिल्ली पुलिस के विशेष सेल की जांच के आधार पर पकड़ा है। अगस्त 2005 में दिल्ली पुलिस ने हवाला कारोबारी मुहम्मद असलम वानी को पकड़ा था। उसने बताया है कि वह शब्बीर शाह तक 2.25 करोड़ की राशि पहुंचा चुका है।

समा बशीर की मां डॉ. बिल्कीस बशीर जम्मू और दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालयों में चक्कर काट रही है ताकि इंग्लैंड में पढ़ रही उसकी बेटी को पूछताछ के लिए निजी तौर पर पेश होने से छूट मिले। डॉ. बिल्कीस ने असिस्टेंट डायरेक्टर पीएमएलए, ईडी को भेजे एक जवाब में लिखा है कि मेरी बेटी समा बशीर इस समय मानचेस्टर विश्वविद्यालय, यूके में पढ़ाई कर रही है। इस बारे में आपको 15 अप्रैल 2019 को एक स्पीड पोस्ट खत के जरिये सूचित किया गया है। ज्ञात हो कि समा बशीर ने बीते साल सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.8 फीसद अंक अर्जति किए थे।

डॉ. बिल्कीस ने बताया कि इस समय मैं कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर रही हूं। मैं हैरान हूं कि वर्ष 2005 में जब वह पांच साल की थी, उस समय के एक मामले में उसे पूछताछ के लिए तलब किया जा रहा है। यह कैसे हो सकता है। संबंधित अधिकारी और प्रशासन ही जान सकते हैं कि वह आखिर चाहते क्या हैं। अगर कल मुङो मेरी छोटी बेटी सहर के लिए समन आए तो मुङो हैरानी नहीं होगी। मैं उसके लिए भी खुद को तैयार कर रही हूं। वर्ष 2005 में वह मात्र दो साल की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने जो हमारा मकान अटैच किया है, वह मुङो मेरे पिता से 1999 में मिला था। मैंने बैंक से 20 लाख रुपये कर्ज लेकर मकान बनाया। आज यहां मकान अटैच कर दिया गया है। यह कौन सा इंसाफ है। मुङो और मेरी बेटियों को मकान की अटैचमेंट का नोटिस मिला है। मेरी बेटियां तो मकान बनाने के समय पैदा भी नहीं हुई थी।

यासीन मलिक की गिरफ्तारी पर नोटिस

राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) ने बुधवार को मुख्य सचिव जम्मू-कश्मीर, सचिव आयुक्त गृह विभाग और राज्य पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक की गिरफ्तारी, उन्हें दिल्ली स्थानांतरित करने और राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा उन्हें हिरासत में लेने संबंधी रिपोर्ट जमा कराने के लिए कहा है। आयोग के चेयरमैन जस्टिस (सेवानिवृत्त) बिलाल नाजकी ने यह नोटिस इंटरनेशनल फोरम फॉर जस्टिस एंड ह्यूमन राइटस के चेयरमैन मुहम्मद अहसान उंतु की याचिका पर जारी किया है। उंतु ने आयोग में दायर अपनी याचिका में कहा है कि यासीन मलिक एक सियासी नेता है और उसे जन सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लेने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सौंपा गया है, जो अवैध है। प्रशासन ने अवैध तरीके से पुलिस प्रशासन को यासीन मलिक की कस्टडी बदलने का अवसर दिया है। उन्हें एनआइए के हवाले नहीं किया जा सकता था। एनआइए की हिरासत में मलिक का स्वास्थ्य बिगड़ गया है। उनके परिजनों और दोस्तों को उनसे बातचीत करने या मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे वह मलिक की स्थिति का पता लगा सकें।

एनआइए ने गिलानी के नाती को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के नाती अनीस-उल-इस्लाम शाह को टेरर फंङ्क्षडग मामले में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। अनीस उल इस्लाम को वर्ष 2016 में तत्कालीन पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने वादी में ङ्क्षहसक प्रदर्शनों के दौरान नियमों की अवहेलना कर राज्य पर्यटन विभाग के अधीन शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआइसीसी) में एक लाख रुपये मासिक वेतन पर रिसर्च ऑफिसर नियुक्त किया था। अधिकारियों ने बताया कि अनीस को वादी में आतंकी व अलगाववादी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान समेत विभिन्न मुल्कों से आने वाले पैसे के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उन्हें 29 अप्रैल को नई दिल्ली में हाजिर होने के लिए कहा गया है। अनीस कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी के सबसे बड़े दामाद अल्ताफ शाह उर्फ अल्ताफ फंतोश के पुत्र हैं। एनआइए ने अल्ताफ फंतोश को वर्ष 2017 में टेरर फंङ्क्षडग मामले में गिरफ्तार किया था। तभी से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि एनआइए सैयद अली शाह गिलानी के दोनों पुत्रों से भी पूछताछ कर चुकी है। एनआइए ने उनके बड़े पुत्र डॉ. नईम गिलानी से बुधवार को नई दिल्ली में लगातार तीसरे दिन टेरर फंङ्क्षडग मामले में पूछताछ की है।

टेरर फंडिंग में यासीन मलिक 24 मई तक न्यायिक हिरासत में

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और अलगाववादी समूहों को धन मुहैया कराने के मामले में आरोपित जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख यासीन मलिक को बुधवार को पटियाला हाउस की विशेष अदालत में पेश किया। रिमांड खत्म होने के बाद अदालत ने मलिक को 24 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं तिहाड़ जेल प्रबंधन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए मलिक को आगे होने वाली सुनवाई में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश करने के लिए अर्जी दायर की। इस पर अदालत ने बचाव पक्ष से जवाब मांगा है। यासीन मलिक को औपचारिक रूप से एनआइए ने 2017 के एक टेरर फंङ्क्षडग मामले में 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। हालांकि, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने सीबीआइ की तीन दशक पुराने उस मामले पर दोबारा सुनवाई करने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें मलिक आरोपित है। जेकेएलएफ प्रमुख पर तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद का 1989 में अपहरण करने और 1990 में भारतीय वायुसेना के चार जवानों की हत्या में शामिल होने का आरोप है। इससे पहले एनआइए ने जम्मू की विशेष अदालत में अर्जी दायर कर टेरर फंङ्क्षडग के मामले में मलिक को हिरासत में लेकर जांच करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था।

Posted By: Rahul Sharma

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