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Good News: अब घर बनेगा कमाई का जरिया, जम्मू-कश्मीर में होमस्टे नीति लागू; कारोबार के लिए मिलेगी वित्तीय सहायता

Published: Thu, 15 Oct 2026 06:07 AM (GMT+05:30)

जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़ने और अतिरिक्त आय दिलाने के उद्देश्य से होमस्टे नीति-2026 अधिसूचित की है।

जम्मू-कश्मीर में होमस्टे नीति लागू। फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर में होमस्टे नीति लागू। फाइल फोटो

HighLights

  1. स्थानीय परिवारों को पर्यटन से आय का अवसर।

  2. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा।

  3. सरल पंजीकरण और वित्तीय सहायता का प्रावधान।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने पर्यटन का लाभ बड़े होटलों और स्थापित पर्यटन केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से होमस्टे नीति-2026 अधिसूचित की है। इसके तहत स्थानीय परिवार अपने घरों में पर्यटकों को ठहराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। सरकार का जोर ग्रामीण, सीमावर्ती और ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ाकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने पर है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को इसे टिकाऊ पर्यटन, स्थानीय उद्यमिता और ग्रामीण आजीविका मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। नीति में पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाने, आवास सुविधाओं का विस्तार करने और पात्र लोगों को वित्तीय सहायता देने का प्रविधान है।

क्यों जरूरी है नई नीति?

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियां मुख्य रूप से स्थापित पर्यटन स्थलों पर केंद्रित रहती हैं। इससे कई ऐसे क्षेत्र पर्यटन के आर्थिक लाभ से पूरी तरह नहीं जुड़ पाते, जहां प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है। नए स्थलों पर होटल और अन्य सुविधाएं विकसित करने में अधिक पूंजी और समय लगता है।

होमस्टे के जरिए स्थानीय परिवार अपने अतिरिक्त कमरों का उपयोग पर्यटकों को ठहराने के लिए कर सकेंगे। इससे पर्यटकों को स्थानीय रहन-सहन और संस्कृति जानने का अवसर मिलेगा तथा परिवारों को आमदनी का नया साधन मिलेगा।

सिल्वर और गोल्ड श्रेणियों में पंजीकरण

नीति के तहत सुविधाओं, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के आधार पर होमस्टे को सिल्वर और गोल्ड श्रेणियों में रखा जाएगा। सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर 28 दिनों में अस्थायी सिल्वर पंजीकरण देने का प्रविधान है, जो छह महीने तक वैध रहेगा। पात्र आवासीय संपत्तियों को बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) के रूप में भी पंजीकृत किया जा सकेगा।

कारोबार के लिए मिलेगी वित्तीय सहायता

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत पात्र परियोजनाओं पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रविधान है। परियोजना सहायता की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा पात्र होमस्टे संचालक घरेलू उपयोगिता दरों, पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर सब्सिडी और जम्मू-कश्मीर बैंक की ऋण सुविधाओं का लाभ संबंधित नियमों के अनुसार ले सकेंगे।

सफलता क्रियान्वयन पर निर्भर

टूर आपरेटर और होटल व्यवसायी जावेद पंडित ने कहा कि नीति की सफलता केवल पंजीकरण की संख्या से नहीं आंकी जानी चाहिए। यह देखना होगा कि कितने परिवार होमस्टे शुरू करते हैं और उनकी आय में कितना इजाफा होता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सुरक्षा, आनलाइन बुकिंग और परिवहन जैसी सुविधाएं भी जरूरी हैं। नीति प्रभावी ढंग से लागू हुई तो स्थानीय परिवार पर्यटन के लाभार्थी ही नहीं, बल्कि इसके सक्रिय भागीदार भी बन सकेंगे।