जम्मू, राज्य ब्यूरो : गृहमंत्री अमित शाह रविवार शाह पाकिस्तान सीमा पर डटे जवानों के बीच पहुंच गए और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने जवानों की सराहना करते हुए कहा कि सीमा प्रहरी बिना चिंता के देश सेवा करें, उनके परिवारों की चिंता केंद्र सरकार करेगी। इस दौरान सीमा से सटे गांवों में भी लोगों से मिले। उन्होंने मकवाल बार्डर के पास रहने वाले एक व्यक्ति से उसका फोन नंबर लिया। शाह ने उसको अपना मोबाइल नंबर दिया भी। उन्होंने उससे कहा कि जब भी जरूरी हो तो फोन कर जरूर कर लेना। अमित शाह ने इन लोगों के साथ चाय भी पी और चारपाई पर बैठकर लोगों से काफी देर तक बातचीत की।

उन्होंने मकवाल में तैयार की गई 5.3 किलोमीटर लंबी स्मार्ट फैंसिंंग का निरीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों को पाकिस्तान की गोलाबारी से बचाने के लिए बनाए गए बंकरों का भी जायजा लिया। इस दौरान गृहमंत्री शाह स्थानीय चुन्नी लाल के पुत्र राकेश कुमार के घर जाकर चाय पी और ग्रामीणों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

गृहमंत्री ने जम्मू से करीब चौदह किलोमीटर की दूरी पर स्थित मकवाल अग्रिम चौकी का दौरा कर वहां पर पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इजरायली तकनीक से बनी स्मार्ट फेंसिंग का निरीक्षण किया। स्मार्ट फैंस दुश्मन के मंसूबे नाकाम बनाने के लिए अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक दीवार की तरह काम कर रही है। जम्मू संभाग के कठुआ जिले के हीरानगर और जम्मू की मकवाल सीमा पर 11 किलोमीटर लंबी स्मार्ट फेंसिंग काम कर रही है।

जम्मू में सीमा पर पहुंचे गृहमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से सीमा की मौजूदा चुनौतियों व उनका सामना करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी लेने के साथ सीमा प्रहरियों से भी बातचीत की।उन्होंने सीमा प्रहरियों को बुलंद हौसले से देशविरोधी तत्वों के मंसंबूों को नाकाम बनाने की मुहिम जारी रखने के लिए कहा। इस मौके पर गृहमंत्री के साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह सचिव और सीमा सुरक्षा बल के डीजी भी मौजूद थे।

देर शाम को श्रीनगर रवाना होने से पहले गृहमंत्री ने सीमा के सुरक्षा परिदृश्य की जानकारी ली और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिस दौरान सीमा प्रबंधन के साथ सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर भी चर्चा की गई। शनिवार को प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर आए गृहमंत्री रविवार दोपहर जम्मू दौरे पर पहुंचे थे। जम्मू के तकनीकी एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा. जितेन्द्र सिंह आदि ने उनका स्वागत किया था।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra