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जम्मू में धान की फसल पर संकट! हीरानगर में सफेद पड़ रही पत्तियां, किसानों को नुकसान का डर

Published: Thu, 20 Aug 2026 07:15 AM (IST)

हीरानगर में धान की मिंजर निकलने से पहले ही पत्तियां सफेद पड़ने लगी हैं, जिससे किसान फसल को नुकसान होने ...और पढ़ें

किसानों को नुकसान होने की आशंका सताने लगी है।

किसानों को नुकसान होने की आशंका सताने लगी है।

HighLights

  1. हीरानगर में धान की पत्तियां सफेद होने से किसान चिंतित।

  2. लीफ फोल्डर या हिस्पा कीट हो सकता है कारण।

  3. कृषि विभाग ने बिना जांच कीटनाशक न छिड़कने की सलाह दी।

जागरण संवाददाता, हीरानगर: धान की मिंजर निकलने से पहले ही हीरानगर क्षेत्र के कुछ गांवों में फसल की पत्तियां सफेद पड़ने लगी हैं। खेतों में धान के पौधों की पत्तियों का रंग बदलने से किसान चिंतित हैं और उन्हें फसल को नुकसान होने की आशंका सताने लगी है।

किसानों के अनुसार धान की फसल में कुछ स्थानों पर पत्तियां ऊपर से सफेद दिखाई दे रही हैं और धीरे-धीरे इसका असर अन्य पौधों पर भी नजर आने लगा है।

कृषि विशेषज्ञों से जानकारी देने की मांग 

किसानों का कहना है कि क्षेत्र में इस समस्या का प्रकोप शुरू होने के बाद वे कृषि विभाग से इसके कारण और उचित उपचार की जानकारी चाहते हैं, ताकि समय रहते फसल को बचाया जा सके। किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से बीमारी की रोकथाम के लिए जानकारी देने की मांग की है।

वहीं कृषि विभाग हीरानगर जोन के एईओ विनोद शर्मा के अनुसार धान की पत्तियों के सफेद पड़ने के पीछे लीफ फोल्डर/पत्ती लपेटक कीट, हिस्पा अथवा अन्य कीट प्रकोप कारण हो सकता है। हालांकि, केवल पत्तियों का रंग देखकर कीट की सही पहचान करना संभव नहीं है, इसलिए किसान बिना पहचान किए किसी भी कीटनाशक का छिड़काव करने से बचें और प्रभावित पौधों की जांच जरूर करवाएं।

लक्षण देखकर ही तय करें फसल का उपचार

उन्होंने कहा कि यदि पत्तियों पर कीट, सुरंग, खुरचन या पत्ती के अंदर लार्वा दिखाई दे रहा है तो उसके आधार पर उपचार तय किया जाना चाहिए। किसान प्रभावित खेत से पौधे का नमूना लेकर निकटतम कृषि विभाग के कार्यालय या कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें और अनुशंसित कीटनाशक तथा निर्धारित मात्रा में ही उसका प्रयोग करें।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कर्मचारियों को अपने क्षेत्र में फसल की जांच करने के लिए कहा गया है, ताकि रोग के बचाव हेतु किसानों को जागरूक किया जा सके।