जम्मू, जेएनएफ। हर साल तवी में बाढ़ को रोकने के लिए दीवारें बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च होते है और पानी में बह जाते है। बावजूद इसके सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग इसकी रोकथाम के लिए कोई गंभीर कदम नहीं उठा। यह टालने वाली बात नहीं है। यह गंभीर समस्या है क्योंकि निक्की तवी क्षेत्र में बाढ़ आने से हर साल 45 से अधिक गांवों में तबाही होती है।

यह चिंता जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने निक्की तवी क्षेत्र के लोगों द्वारा जारी जनहित याचिका पर व्यक्त की। सुनवाई के दौरान निक्की तवी में बाढ़ की रोकथाम पर हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग के चीफ इंजीनियर को नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हॉड्रोलाजी (NIH) से संपर्क करने का निर्देश दिया। यह इंस्टीट्यूट देश की नदियों व दरियाओं में बाढ़ की रोकथाम के सुझाव देने की एक्सपर्ट बाॅडी है। बेंच ने कहा कि विभाग इंस्टीट्यूट को मानसून के दिनों में निक्की तवी में बाढ़ की विस्तृत जानकारी दे ताकि वह इसकी रोकथाम के लिए सुझाव दे सकें।

केस की सुनवाई के दौरान बेंच ने विभाग के रवैये पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान विभाग को इस मुद्दे पर केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय से सुझाव लेने का भी निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए एडवोकेट शेख शकील ने कहा कि न तो सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग और न ही केंद्रीय जल मंत्रालय ने इस मुद्दे पर कोई रिपोर्ट सौंपी है।

वहीं केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए विशाल शर्मा ने कहा कि जल मंत्रालय व केंद्रीय जल आयोग इसमें आवश्यक कदम उठाने को तैयार है, अगर राज्य सरकार औपचारिक रूप से आवेदन करे। सुनवाई के दौरान यह बात उजागर हुई कि नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हॉयड्रोलाजी बाढ़ रोकथाम की एक्सपर्ट बाॅडी है और जम्मू के सतवारी में इसका कार्यालय है, लिहाजा बेंच ने विभाग को अब इंस्टीट्यूट से संपर्क करने का निर्देश दिया।

निक्की तवी के साथ लगते बरजाला व खंदवाल निवासी गुरदेव सिंह व गुलाम नबी की ओर से दायर इस जनहित याचिका में हर बाढ़ में निक्की तवी क्षेत्र में होने वाले नुकसान को उजागर करते हुए कहा कि पानी की उचित निकासी न होने के कारण नुकसान होता है। विभाग ने तवी नदी का नब्बे फीसद पानी निक्की तवी क्षेत्र की ओर जबकि दस फीसद पानी ही बड़ी तवी की तरफ मोड़ा रखा है। इसी कारण निक्की तवी के साथ लगते इलाकों में बाढ़ से तबाही होती है। इससे क्षेत्र के 45 गांवों के लोग बाढ़ से प्रभावित होते है।

Posted By: Rahul Sharma

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