जम्मू, राज्य ब्यूरो : पत्नीटाप के निकट हेलीकाप्टर क्रैश में शहीद हुए सेना के मेजर रोहित कुमार सैनिक स्कूल नगरोटा के वर्ष 1996 बैच के अधिकारी थे। ऐसे में उनके शहादत से सैनिक स्कूल नगरोटा में भी गम का माहौल है।

वह पिछले पांच सालों में हेलीकाप्टर क्रैश में शहादत पाने वाले सैनिक स्कूल नगरोटा के दूसरे छात्र हैं। उनसे पहले नवंबर 2016 में जम्मू जिले के आरएसपुरा के मेजर अरविंद बजाला पश्चिम बंगाल के सुकना में सेना के चीता हेलीकॉप्टर के क्रैश में शहीद हुए थे।

मंगलवार को पत्नीटाप में खराब मौसम के कारण हुए हेलीकाप्टर क्रैश में शहीद दो पायलटों में से एक मेजर रोहित सांबा जिले के घगवाल के रहने वाले थे। बचपन से सेना में भर्ती होने के सपने देखने वाले रोहित वर्ष 1996 में सैनिक स्कूल नगरोटा में छठी कक्षा में दाखिल हुए थे। करीब बीस साल पहले उनका परिवार पश्चिमी नाेएडा में बस गया था। भले मेजर रोहित व उनका परिवार अब सांबा में नहीं रहता है परंतु जब उनके गांव में रोहित की शहादत की खबर पहुंची, पूरा गांव गमगीन हो गया।

मेजर रोहित के शहीद होने की जानकारी मिलते ही उनके सहपाठियों में मातम छा गया। मेजर रोहित के साथ सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने वाले जम्मू के उधयवीर सिंह ने जागरण का बताया कि वह बचपन से ही भारतीय वायुसेना में शामिल होना चाहते थे। सेना में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने आर्मी एविएशन कोर चुनी। वह एक अच्छे हेलीकाप्टर पायलट थे। उधयवीर सिंह ने बताया कि खुश मिजाज दोस्त खाने से वर्ष 1996 बैच के सभी विद्यार्थियों को गहरा आघात लगा है। किसी ने कभी यह सोचा नही था कि मेजर रोहित इस तरह से उन्हें छोड़ कर चले जाएंगे।

वहीं सैनिक स्कूल नगरोटा एक्स स्टूडेंट एसोसिशन ने मेजर रोहित के निधन पर मंगलवार को गहरे दुख का इजहार किया है। आज बुधवार को एक्स स्टूडेंट एसोसिशन की ओर से मेजर रोहित को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

 

Edited By: Rahul Sharma