लद्दाख के 248 गांवों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा, 73 एंबुलेंस के साथ शुरू हुई 'संजीवनी सेवा'; गर्भवतियों महिलाओं पर खास जोर
लद्दाख में दुर्गम परिस्थितियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने के लिए 'लद्दाख संजीवनी सेवा' शुरू की गई ...और पढ़ें
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लद्दाख के 248 गांवों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा। फाइल फोटो
HighLights
लद्दाख संजीवनी सेवा 248 गांवों को 73 एंबुलेंस से जोड़ेगी।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया।
मातृ स्वास्थ्य और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता, 108 हेल्पलाइन पर संपर्क।
संवाद केंद्र, लेह। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, ऊंचाई, कड़ाके की ठंड और लंबी दूरी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करने वाले लद्दाख के लोगों को अब आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘लद्दाख संजीवनी सेवा’ शुरू की गई है।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस 24 घंटे संचालित एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया। इसके तहत केंद्रशासित प्रदेश के सभी सात जिलों के 248 गांवों को 73 एंबुलेंस से जोड़ा गया है। जरूरत पड़ने पर लोग 108 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकेंगे।
लद्दाख में बर्फबारी, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और दूर-दराज की बस्तियों के कारण समय पर अस्पताल पहुंचना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में यह सेवा सड़क दुर्घटनाओं, पर्यटकों की चिकित्सा संबंधी जरूरतों, ऊंचाई पर होने वाली स्वास्थ्य आपात स्थितियों और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में मददगार होगी।
प्रत्येक गांव के लिए एक एंबुलेंस और चालक निर्धारित किया गया है तथा उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा गया है। एंबुलेंस की गांवों से औसत दूरी लगभग 13 किलोमीटर है।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
सेवा के तहत मातृ स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं का विवरण और प्रसव की संभावित तिथियां दर्ज की हैं। अब तक 1,100 से अधिक गर्भवती महिलाओं को केंद्रीय डेटाबेस में शामिल किया जा चुका है। इससे प्रसव का समय नजदीक आने पर संबंधित एंबुलेंस और चालक के माध्यम से परिवहन की व्यवस्था पहले से की जा सकेगी। सर्दियों में यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है।
कैंसर, किडनी, हृदय रोग, स्ट्रोक और गंभीर फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा। बार-बार अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों का परिवहन संबंधी खर्च, परेशानी और मानसिक दबाव कम करने में यह सेवा सहायक हो सकती है।
उपराज्यपाल ने कहा कि दूरी या परिवहन की कमी के कारण किसी व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस पहल का उद्देश्य आपात स्थिति में मरीजों तक शीघ्र पहुंचना और उन्हें समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना है।
