श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : जिला राजौरी में 100 बिस्तरों की क्षमता वाला मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल और जिला कठुआ के बिलावर में 30 बिस्तर वाला सामुदायिक केंद्र 100 बिस्तर वाला उप जिला अस्पताल बनेगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में प्रशासनिक परिषद ने इन दोनों परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम के अंतर्गत 47.32 करोड़ से लंबेड़ी राजौरी में अस्पताल का निर्माण 2024-25 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा है। बिलावर अस्पताल को अगले वित्त वर्ष में पूरा किया जाएगा। इसके निर्माण पर 28.18 लाख का खर्च आएगा। बैठक में सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव नितिश्चर कुमार मौजूद थे।

लंबेड़ी राजौरी में प्रस्तावित 100 बिस्तर वाला यह अस्पताल न सिर्फ राजौरी बल्कि पुंछ और जिला रियासी व जम्मू के भी कई इलाकों के लोगों को फायदा पहुंचेगा। इस अस्पताल में सामान्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। यह किसी दुर्घटना के समय आपात सेवाएं भी प्रदान करेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आपात परिस्थितियों में यहां चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी।

यह अस्पताल जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक एक्सीडेंटल अस्पताल की तरह भी काम करेगा। नौशहरा, सुदंरबनी, कालाकोट , लंबेड़ी, सेरी गरन, खेरी ,पतराड़ी, हजंना और दंदेसर जैसे इलाकों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रोें से गंभीर रोगियों को भी यहां उपचार के लिए लाया जा सकेगा। प्रशासकीय परिषद ने जिला बिलावर में 30 बिस्तर वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ा उसे 100 बिस्तर वाला उप जिला अस्पताल बनाने की परियोजना को मंजूरी दी है।

परियोजना पर 28.18 लाख का खर्च आएगा। इसे वर्ष 2023-24 के दौरान पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यह परियोजना बिलावर और सटे पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आइएमआर और एमएमआर को घटाने में सहयोग करेगी। स्थानीय नागरिक लंबे समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलावर को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस उप जिला अस्पताल का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे।

जम्मू होम स्टे रजिस्ट्रेशन की गाइडलाइंस तय : प्रदेश के लोगों को अधिक से अधिक पर्यटन उद्योग से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पर्यटन विभाग ने जम्मू-कश्मीर में होम स्टे व पेइंग गेस्ट रजिस्ट्रेशन की गाइडलाइंस तय कर दी है। विभाग ने रजिस्ट्रेशन के लिए औपचारिकताओं को सीमित किया है ताकि लोग आसानी से अपने घरों को होम स्टे व पेइंग गेस्ट के लिए रजिस्टर करवा सके। पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, व्यंजनों, हस्तकला व मेहमाननवाजी से रूबरू करवाने के लिए प्रदेश प्रशासन ने इसकी शुरुआत की हैे। विभाग ने प्रदेश के 75 अनछुए पर्यटन स्थलों पर होम स्टे व पेइंग गेस्ट को बढ़ावा देने का फैसला किया है। प्रशासन के इन प्रयासों से पर्यटकों की आमद भी बढ़ी है और विशेषज्ञों के अनुसार पिछले छह महीनों में जम्मू-कश्मीर में आए पर्यटकों की संख्या पिछले 15 सालों में सबसे अधिक रही। 

Edited By: Rahul Sharma