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जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को खत्म कर राज्य के पुनर्गठन के फैसले के बाद राज्यपाल प्रशासन ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का फैसला 31 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा। ऐसे में राज्यपाल प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में स्टाफ की तैनाती, वित्तीय मामलों, फंड जुटाने के साथ इनके कामकाज के तरीके तय करने के लिए तीन उच्च स्तरीय कमेटियां बना दी हैं। ये कमेटियां अपनी रिपोर्ट देंगी कि जम्मू कश्मीर व लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में क्या व्यवस्था रहेगी।

जम्मू कश्मीर को चरणबद्ध तरीके से केंद्र शासित प्रदेश में कैसे परिवर्तित करना है, केंद्र शासित प्रदेश में सरकार किस तरह से काम करेगी, यह खाका तैयार करने के लिए राज्य प्रशासन 12 सदस्यीय कमेटी बनाई है। राज्यपाल के सलाहकार की अध्यक्षता वाली इस कमेटी के सदस्यों में वित्त, स्वास्थ्य विभागों के साथ राज्यपाल के वित्त आयुक्त शामिल हैं। उनके साथ गृह, योजना विभाग के प्रमुख सचिव, लोक निमार्ण, लद्दाख मामलों के विभाग के आयुक्त सचिव व उच्च शिक्षा, राजस्व व कानून विभाग के सचिव शामिल हैं।

वहीं गृह विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय कमेटी केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्टाफ की तैनाती के साथ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में स्टाफ संबंधी मामलों पर रिपोर्ट देगी। इस कमेटी के सदस्यों में लद्दाख मामलों के विभाग के आयुक्त सचिव के साथ जीएडी, सांस्कृतिक विभाग, कानून विभाग के सचिव शामिल हैं। इस कमेटी में वित्त विभाग का एक प्रतिनिधि भी रहेगा।

केंद्र शासित प्रदेश के वित्तीय मामलों, फंड आवंटन, फंड जुटाने संबंधी मामलों संबंधी रूपरेखा तय करने के लिए वित्त विभाग के वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी के सदस्यों में गृह विभाग के प्रमुख सचिव, बिजली विभाग के आयुक्त सचिव के साथ जीएडी व कानून विभाग के सचिव शामिल हैं।

Posted By: Rahul Sharma

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