माता वैष्णो देवी के भक्तों के लिए अच्छी खबर, पारंपरिक मार्ग का होगा जीर्णोद्धार; यात्रा में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने श्री माता वैष्णो देवी के पारंपरिक यात्रा मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है।
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माता वैष्णो देवी: पारंपरिक मार्ग का होगा जीर्णोद्धार। फाइल फोटो
HighLights
पारंपरिक माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के जीर्णोद्धार को मिली प्रशासनिक मंजूरी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार ने 15 करोड़ रुपये की लागत को स्वीकृति दी।
परियोजना का लक्ष्य श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में सुधार करना है।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने श्री माता वैष्णो देवी के पारंपरिक यात्रा मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य ऐतिहासिक मार्ग की विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं और यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक यात्रा मार्ग का जीर्णोद्धार जम्मू-कश्मीर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और श्रद्धालुओं की सुविधा तथा सुरक्षा में सुधार पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यात्रा में श्रद्धालुओं को नहीं होगी दिक्कत
श्री माता वैष्णो देवी का पवित्र धाम जम्मू-कश्मीर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा मार्ग की बहाली और सुविधाओं का विकास श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परियोजना के तहत पारंपरिक मार्ग का जीर्णोद्धार और आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके। इसके साथ ही मार्ग के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर बुनियादी ढांचे का विकास करते समय उनकी पारंपरिक पहचान और विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।सरकार की इस पहल से माता वैष्णो देवी के पारंपरिक यात्रा मार्ग को संरक्षित करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
