जागरण संवाददाता, जम्मू : दस दिन पहले गणेश चतुर्थी के दिन विराजे गणपति को रविवार को अनंत चतुर्दशी के दिन श्रद्धापूर्वक विदा किया गया। जिन श्रद्धालुओं ने गणपति को घरों में विराजमान करवाया था, उन्होंने विघ्नहर्ता गणपति का इस प्रार्थना के साथ विसर्जन किया कि अगले वर्ष ढेरों खुशियां लेकर फिर आएं।

माना जाता है कि जाते-जाते विघ्नहर्ता गणपति अपने भक्तों के सारे दुख भी ले जाते हैं। लिहाजा अपने दुखों से निजात पाने के लिए और ¨जदगी को खुशियों से भरने के लिए आज अनंत चतुर्दशी को श्रद्धालुओं ने गणेश जी के पंडालों, मंदिरों, घरों में पूजा-अर्चना की और उनकी अनुमति लेकर उन्हें पूरी श्रद्धा के साथ शोभायात्रा निकाल कर विसर्जन करने पहुंचे।  

दिन भर श्रद्धालुओं का जलस्त्रोतों पर तांता लगा रहा। श्री गणेश महोत्सव रविवार को ढोल नगाड़ों के बीच गौरी नंदन जी के मूर्ति विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। कोरोना गाइडलाइन के कारण कोई बड़ी शोभायात्रा तो नहीं निकली, लेकिन छोटे-छोटे समूह में श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के बीच नाचते-गाते गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करने पहुंचे।

जिन क्षेत्रों से भी गणेश जी की शोभायात्रा निकली लोगों ने श्रद्धापूर्वक विदाई की। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने गणेश विसर्जन करने जा रहे श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की। लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु शोभायात्रा के साथ गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करने पहुंचे।

शहर के दूसरे कई क्षेत्रों में स्थापित मूर्तियों को तवी नदी, नहर और चिनाब में विसर्जित किया गया। शहर में हर तरफ श्री गणपति जी की महिमा का गुणगान होता रहा। घरों में दिन भर भगवान गणेश जी के भजन-कीर्तन होते रहे।