जागरण संवाददाता, जम्मू : लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर अभी से जमीन तैयार करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को जम्मू पहुंच रहे हैं। राज्य में पीडीपी के साथ गठजोड़ समाप्त करने के बाद शाह का यह जम्मू दौरा और भी महत्वपूर्ण हो गया है। शाह जहां पार्टी नेताओं के साथ लोकसभा चुनाव पर चर्चा करेंगे तो वहीं प्रदेश नेतृत्व शाह की रैली में अधिक से अधिक भीड़ जुटा कर जम्मू में अपने मजबूत जनाधार का सुबूत देने का प्रयास करेगा। संसदीय चुनाव की तैयारियों में तेजी देने के लिए शाह ने 23 जून का दिन चुना है। वर्ष 1953 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में एक विधान, एक निशान व एक प्रधान की मांग को लेकर अपने प्राणों का बलिदान दिया था। मुखर्जी को श्रद्धांजलि देने के साथ ही अमित शाह जम्मू-कश्मीर में संसदीय चुनाव का बिगुल फूंक देंगे। शाह का यह दौरा प्रदेश भाजपा के लिए भी साख का मुद्दा बना हुआ है। प्रदेश भाजपा अमित शाह को यह बताने का प्रयास करेगी कि सरकार बनाने या गिरने से जम्मू में भाजपा के जनाधार पर कोई असर नहीं पड़ा और जम्मू की जनता आज भी उनके साथ खड़ी है। शाह की रैली में अधिक से अधिक भीड़ जुटाकर इसे सफल बनाने में लगी प्रदेश भाजपा नेताओं ने शुक्रवार को भी कई बैठकें की और शनिवार की रैली को सफल बनाने के लिए ठोस रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। यह रहेगा कार्यक्रम

-अमित शाह सुबह करीब दस बजे जम्मू पहुंचेंगे। उनके स्वागत के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा ने बाइक रैली का आयोजन किया है। शाह का काफिला बाइक रैली के साथ जम्मू एयरपोर्ट से कनाल रोड स्थित गेस्ट हाऊस पहुंचेगा। यहां शाह संसदीय चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं से बैठक करेंगे। दोपहर बाद साढ़े चार बजे अमित शाह ब्राह्मण सभा परेड के सामने रैली को संबोधित करेंगे।

Posted By: Jagran

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