चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर के कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में पठानकोट अदालत की ओर से दोषी करार दिए गए छह अभियुक्तों में से चार ने सजा के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इन चारों की ओर से दायर की गई अपील को एडमिट करते हुए जस्टिस राजीव शर्मा की अदालत ने पांच जुलाई को सुनवाई के आदेश दिए हैं। हाई कोर्ट ने फिलहाल इन अपीलकर्ताओं पर लगाए गए जुर्माने की रकम अदा करने पर भी रोक लगा दी है।

बता दें कि पठानकोट की स्थानीय अदालत ने लगभग तीन हफ्ते पहले कठुआ दुष्कर्म मामले में छह लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इसमें मुख्य अभियुक्त सांझी राम, प्रवेश कुमार और दीपक खजूरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। साक्ष्यों को खुर्द-बुर्द करने के लिए तीन पुलिसकर्मियों को भी पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंद्र वर्मा शामिल थे।

याचिका में तर्क, साक्ष्यों पर सही से विचार नहीं किया

चार अभियुक्तों प्रवेश कुमार, दीपक खजूरिया, आनंद दत्ता और सुरेंद्र कुमार ने हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं में पठानकोट अदालत के आदेशों को चुनौती दी है। इन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने अपना फैसला देते हुए साक्ष्यों पर सही से विचार नहीं किया है। इस मामले में 10 जनवरी, 2018 को आठ वर्षीय बच्ची का शव जंगल से बरामद हुआ था। मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे बेहोश रखने के तथ्य सामने आए थे।

Posted By: Rahul Sharma

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