आरएसपुरा, दलजीत सिंह : कोरोना से बचाव के लिए इन दिनों मदद के लिए हर कोई अपने हाथ बढ़ा रहा है। ऐसे में राजनेता पीछे कैसे रह जाएं। आरएसपुरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ. गगन भगत नई भूमिका अदा करते नजर आ रहे हैं। पेशे से डॉक्टर भगत खादी के कुर्ते के बजाय अब सफेद कोट में आम लोगों के स्वास्थ्य जांच और उन्हें जागरूक कर रहे हैं। वह सुबह घर से नाश्ता कर निकल जाते हैं और रात को पहुंचते हैं। रास्ते में जो भी गांव आए वे लोगों को कोरोना से बचाव के बारे में जागरूक करते हैं।

वह कहते हैं कि गांवों में हालत यह है कि ग्रामीणों में कोरोना को लेकर सिर्फ दहशत है, जागरूक करने वाला कोई नहीं। डॉ. भगत ने कहा कि इस समय उनके क्षेत्र के लोगों में कोरोना को लेकर डर बैठ गया है। वे आम खांसी-बुखार को कोरोना से जोड़कर देखने लगे हैं। हालांकि प्रशासन कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। ऐसे में वह भी अपनी तरफ जितनी मदद हो सके वह कर रहे हैं। वह सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में लोगों का निशुल्क इलाज भी कर रहे हैं। लोगों को शारीरिक दूरी का पालन करने को कहा जाता है। डॉ. भगत एमबीबीएस डॉक्टर हैं। वह स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर में रह चुके हैं। करीब सात पहले सरकारी डॉक्टर की नौकरी छोड़ कर राजनीति में आ गए थे। विवादों के कारण उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ नेशनल कांफ्रेंस का दामन थामा था।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर रोगों को करें दूर: लॉकडाउन में घर बैठे लोग प्राकृतिक चिकित्सा से खुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर कोरोना को हरा सकेंगे। हमारी शरीर की प्रतिरोधक शक्ति डटकर मुकाबला करने में सक्षम है, लेकिन दौड़ भरी जिंदगी में वसायुक्त खानपान और जंक फूड के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण हो गई है। प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. नीलम कुमार शर्मा कहते हैंे कि प्रतिदिन तीन किलोमीटर पैदल चलने और आधा घंटा योगासन एवं व्यायाम करने से खून में बीटा एंडोर्फिन तथा पायरोजेन नामक जादुई रसायन का रिसाव बढ़ जाता है। हमारी त्वचा की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी गजब की होती है। त्वचा के ऊपर बाहरी कीटाणुओं को मार डालती है। आंखों से निकलने वाले आंसू में लाइसोजाइम, मुंह के लार में सलाइवा, नाक में चिपचिपा म्यूकस और 220 की स्पीड से इम्यून सिस्टम खिलाकर बैक्टीरिया को बाहर निकालते हैं।

ऐसे रहें निरोग

  • आंवला खाएं इसमें विटामिन सी भरपूर होता है।
  • चुकंदर खाएं या इसका जूस पिएं। इसमें विटामिन बी, बी-1, बी-2, बी-6, फोलिक एसिड होते हैं।
  • गाजर खाएं या जूस पिएं। गाजर विटामिन ई का सम्राट है। गाजर, चुकंदर और आंवला का ताजा जूस लेने से जीवनी शक्ति बढ़ती है।
  • भोजन हमेशा संतुलित होना चाहिए। भोजन में लहसुन, प्याज, अदरक, हल्दी का प्रयोग करना चाहिए।
  • आहार में अंकुरित दालें एवं अंकुरित गेहूं का प्रयोग करें
  • 40 ग्राम काले चने, 20 ग्राम हरी मूंग, 10 ग्राम मेथी दाने और 10 ग्राम मूंगफली के बीज को अंकुरित करके इसका सेवन करने से इम्यून सिस्टम स्ट्रांग होता है।
  • प्रतिदिन तीन किलोमीटर पैदल चलने और आधा घंटा योगासन करें।

ऐसे बढ़ाएं जीवनी शक्ति

  • संतुलित आहार, सम विचार, आचार एवं व्यवहार, श्रम एवं विश्रम, प्रकृति के नियमों का पालन करना, रोगी होने पर प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक इलाज, योग, प्राणायाम, मेडिटेशन, सूर्य नमस्कार अनिवार्य है।

किन चीजों का सेवन न करें

  • दवाइयों, एंटीबॉयोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं, शराब, अफीम, बीड़ी, सिगरेट, चटपटे, तले, भूने आहार, फॉस्ट एवं जंक फूड जीवनी शक्ति को नष्ट कर देते हैं। वसायुक्त खानपान और जंक फूड से रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण होती है।

 

Posted By: Rahul Sharma

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