जम्मू, राज्य ब्यूरो। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के लिए अपना सियासी कुनबा संभालना मुश्किल होता जा रहा है। बुधवार को पूर्व वित्तमंत्री और पीडीपी के वरिष्ठ नेता डॉ. हसीब द्राबू ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। द्राबू ने अपने अगले कदम का कोई खुलासा नहीं किया। उन्होंने इतना जरूर कहा कि मैं बहुत सी बातों के लिए आभारी हूं। इसके बावजूद मैं कुछ परेशान हूं। मेरी ओर से पीडीपी को हाíदक शुभकामनाएं। यह राज्य में बरसों से लंबित पड़े राजनीतिक मुद्दों के समाधान और राज्य में राजनीतिक स्थिरता, शांति और समृद्धि लाने में सहायक सिद्ध हो।

डॉ. द्राबू ने पार्टी से इस्तीफे का खुलासा अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर किया। द्राबू ने लिखा, पीडीपी को अलविदा, जिंदगी का एक और दौर पूरा। उन्होंने पार्टी प्रमुख महबूबा को अपना इस्तीफा और पत्र भेजा है।

पीडीपी-भाजपा गठबंधन के मुख्य रणनीतिकारों में शामिल रहे डॉ. हसीब द्राबू दक्षिण कश्मीर के राजपुरा से वर्ष 2014 का चुनाव पीडीपी की टिकट पर जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे। पीडीपी के सेल्फ रूल के दस्तावेज को तैयार करने में भी डॉ. द्राबू की अहम भूमिका रही है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उन्हें मार्च 2018 में राज्य मंत्रीमंडल से निकाला था। उसी दिन से डॉ. द्राबू के बारे में कहा जा रहा था कि वह किसी भी समय पार्टी छोड़ देंगे और उन्होंने खुद को पीडीपी की संगठनात्मक गतिविधियों से भी पूरी तरह अलग कर लिया था।

कोई हंगामा या शोर शराबा करना अनैतिक होगा 
द्राबू ने महबूबा को संबोधित करते हुए लिखा कि भले ही मैं एक बागी नहीं हूं-लेकिन आप भलीभांति जानती हैं कि मैंने करीब दो साल पहले भी कैबिनेट, राज्य विधानसभा और पार्टी से इस्तीफा दिया था, लेकिन आपने इस्तीफा मंजूर नहीं किया था। खैर, मैंने कुछ समय पहले से ही खुद को संगठनात्मक गतिविधियों से भी पूरी तरह दूर रखा हुआ है।

मैंने इस मुद्दे पर कोई ज्यादा बात नहीं की, क्योंकि मेरा मानना है कि जिसके बैनर और नेतृत्व तले चुनाव जीता और विधानसभा में पहुंचा, उसके खिलाफ कोई हंगामा करना, शोर शराबा करना अनैतिक है। खैर, अब मैं जम्मू कश्मीर पीडीपी से इस्तीफा देता हूं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh