जम्मू, जागरण संवाददाता : एडवोकेट शेख शकील ने जम्मू की भलवाल तहसील में सरकारी जमीन पर पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता का कब्जा होने का दस्तावेज एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए प्रदेश प्रशासन की कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया है। वहीं, कङ्क्षवद्र गुप्ता ने ऐसे किसी कब्जे से साफ इन्कार करते हुए कहा कि उनके पास कोई सरकारी जमीन नहीं है। अगर किसी को लगता है कि उन्होंने किसी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है तो सरकार उस जमीन को गौशाला को दान कर दे।

दरअसल, रूपनगर में जम्मू डेवलपमेंट अथारिटी (जेडीए) की ओर से गुज्जर परिवारों से जमीन खाली करवाए जाने के बाद एडवोकेट शेख शकील ने इस मुद्दे को दोबारा उजागर किया है। करीब एक साल पहले शेख शकील ने सूचना अधिकार के तहत जानकारी हासिल की थी, जिसमें बताया गया था कि कविंद्र गुप्ता व कुछ लोगों ने जम्मू जिले में भलवाल तहसील के गैंक गांव के खसरा नंबर 1789 में 23 कनाल 9 मरला सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है।

शेख शकील ने आरटीआइ के तहत मिली इसी जानकारी का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर डा. राघव लंगर व डिप्टी कमिश्नर अंशुल गर्ग से यहां भी पीला पंजा चलाने की मांग की है।

शेख शकील ने अपने ट्वीट में कहा है कि उम्मीद है कि यहां भी प्रशासन का पीला पंजा चलेगा और प्रदेश प्रशासन बिना भेदभाव काम करेगा। उधर, कविंद्र गुप्ता ने इसे शरारत करार देते हुए कहा है कि उनके पास कोई सरकारी जमीन नहीं है। 

Edited By: Rahul Sharma