श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। उत्तरी कश्मीर के हाजिन (बांडीपोर) में स्थानीय लोगों ने मंगलवार को जिहादी नारों के बीच एक विदेशी आतंकी को बिना पुलिस अनुमति गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया। बीते सवा दो साल दौरान यह पहला मौका है जब किसी विदेशी आतंकी को वादी के किसी गांव में स्थानीय आतंकियों ने दफनाया हो।

फिलहाल, पुलिस ने विदेशी आतंकी के शव को दफनाने व उसके जनाजे के लिए जुलूस का बंदोबस्त करने वाले तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है।

गौरतलब है कि गत सोमवार की सुबह हाजिन के बांडीपोर मोहल्ले में छिपे आतंकियों के पकडऩे के लिए सुरक्षाबलों ने एक तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक आतंकी जख्मी हो गया था लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा सुरक्षाबलों पर किए गए पथराव का फायदा ले, वह अपने साथियों संग बच निकला था। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी अपना अभियान समाप्त कर दिया था।

अलबत्ता, आज सुबह घायल आतंकी ने हाजिन में एक जगह इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। इसका पता चलते ही स्थानीय लोग उसके शव के पास जमा हो गए और उन्होंने पुलिस को सूचित किए बिना उसे गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया। मारे गए आतंकी के जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आतंकी का शव लेकर पूरे इलाके में शरारती तत्वों ने जिहादी नारेबाजी करते हुए एक जुलूस भी निकाला।

मारे गए आतंकी की पहचान पाकिस्तान के रहन वाले अबु हारिस के रुप में हुई है। बीते छह माह से हाजिन, बांडीपोर व हंदवाड़ा में सक्रिय था।

यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि अक्तूबर 2015 में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में पाकिस्तानी आतंकी अबु कासिम के जनाजे में उमड़ी भीड़ के बाद प्रशासन ने घाटी के किसी भी हिस्से में मारे जाने वाले विदेशी आतंकी को स्थानीय लोगों को सौंपने व भीतरी इलाकों में दफनाने की प्रक्रिया बंद कर दिया था। सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने वाले आतंकियों को उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे गंटमुला में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थानीय ऑकाफ समिति के कुछ सदस्यों की मदद से इस्लामिक तरीकों  ही सुपुर्दे खाक किया जा रहा था।

आईजी पुलिस कश्मीर रेंज डा एसपी पाणि ने इस संदर्भ में संपर्क किए जाने पर कहा कि पुलिस को आज सुबह ही आतंकी की मौत का पता चला है। आतंकी का शव पहले ही ग्रामीणों के पास था। लिहाजा, पुलिस ने ग्रामीणों से शव सौंपे जाने का आग्रह किया ताकि संबधित कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया जा सके। लेकिन गांव में मौजूद कुछ शरारती तत्वों ने ऐसा नहीं होने दिया और उन्होंने आतंकी शव यात्रा निकालने के बाद शव को स्थानीय कब्रीस्तान में दफना दिया। मारा गया आतंकी विदेशी है,लेकिन उसकी पहचान की पुष्टि का प्रयास हो रहा है। इसके अलावा हमने लोगों को भड़काने, आतंकी की शवयात्रा का आयोजन करने और भड़काऊ नारेबाजी में लिप्त लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है।  

Posted By: Preeti jha

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