जम्मू, राज्य ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय सीमा (आइबी) पर गोलाबारी के कारण जानमाल के भारी नुकसान के बाद दोनों ओर से शांति बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। दोनों देशों के सीमा प्रहरियों ने सांबा सेक्टर में हुई फ्लैग मीटिंग में शांति बनाए रखने के लिए छोटे मोटे मसलों को स्थानीय स्तर पर सुलझाने का विश्वास दिलाया है।

चालू वर्ष में अब तक दोनों ओर के सीमा प्रहरियों के बीच चार फ्लैग मीटिंगें हो चुकी हैं। ऐसे में बैठकों के सिलसिले को जारी रखते हुए सांबा सेक्टर में बटालियन कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग में सीमा पर संदिग्धों के फेंसिंग के पास आने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पाकिस्तानी क्षेत्र में सरकंडों की साफ सफाई जैसे मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।

सीमा सुरक्षाबल की 73वीं व 80वीं बटालियन के कमान अधिकारियों अनिल कुमार व अनिल वर्मा समेत छह अधिकारियों और 45 जवानों ने हिस्सा लिया। पाकिस्तान की ओर से इस फ्लैग मीटिंग में 80 चिनाब रेंजर्स के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल असमित अली समेत छह अधिकारियों व 57 जवानों ने हिस्सा लिया।स्थानीय मुद्दों पर विचार विमर्श करने के साथ दोनो ओर के सीमा प्रहरियों ने एक दूसरे को विश्वास दिलाया कि सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए एक दूसरे से सहयोग किया जाएगा।

पाकिस्तान ने नए वर्ष के आगमन पर जम्मू संभाग में आइबी पर खूनखराबा किया था। भारी गोलाबारी में पांच सुरक्षाकर्मियों समेत 13 लोगों की मौत हुई तो करीब 50 लोग घायल हो गए। इनमें से करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पाकिस्तान में भी जानमाल का बहुत नुकसान हुआ था।

ऐसे हालात में दोनों ओर के सीमा प्रहरियों के बीच 25 जनवरी को सेक्टर कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के बाद शांति हुई थी। उसके बाद 23 फरवरी को दोनों ओर के सीमा प्रहरियों के बीच सेक्टर कमांडर स्तर और 28 फरवरी व पांच मार्च को बटालियन कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई है। 

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस