जम्मू, राज्य ब्यूरो : इस साल अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद से शुरुआती चार दिनों में पांच तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा चंदनवाड़ी-शेषनाग मार्ग से वीरेंद्र गुप्ता नाम का एक तीर्थयात्री लापता है। वहीं दूसरी ओर अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंच कर बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। कोरोना महामारी के कारण इस बार दो साल के बाद यात्रा शुरू हुई है, जिसके कारण भोलेनाथ के श्रद्धालुओं में उत्साह हिलकोरे मार रहा। प्रदेश प्रशासन की ओर से इस बार भक्तों की सुविधा के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं।

अधिकारियों के अनुसार चार दिन की यात्रा के दौरान जिन पांच श्रद्धालुओं की मौत हुई हैं, उनमें तीन का कार्डियक अरेस्ट हुआ। इनमें दिल्ली के जय प्रकाश की चंदनबाड़ी में मौत हुई, जबकि बरेली के 53 वर्षीय देवेंद्र तायल की निचली गुफा में निधन हो गया। वहीं बिहार के 40 वर्षीय लिपो शर्मा ने काजीगुंड कैंप में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के 61 वर्ष के जगन्नाथ ने पिसुटाप में कुछ स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की और थोड़ी देर के बाद ही उसकी मौत हो गई, जबकि राजस्थान के एक अन्य व्यक्ति आशु सिंह की एमजी टाप पर घोड़े से गिरने से मौत हो गई।

रविवार को सुबह 10 बजे तक 40,233 तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा में जाकर दर्शन किए थे। यात्रा 30 जून को शुरू हुई और 11 अगस्त को समाप्त होगी। यह यात्रा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम मार्ग और मध्य कश्मीर में गांदरबल जिले में सोनमर्ग पर्यटन स्थल के बालटाल मार्ग से होकर गुजरती है। बाबा अमरनाथ की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह निरंतर बढ़ रहा है। हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु यात्रा पर रवाना होने के लिए आधार शिविर यात्री भगवती नगर जम्मू पहुंच रहे हैं।

पांचवें जत्थे में 8773 श्रद्धालु जम्मू से निकले यात्रा पर : रविवार को बाबा अमरनाथ की यात्रा के लिए 8773 श्रद्धालुओं का पांचवां जत्था पहलगाम व बालटाल के लिए रवाना हुआ। हालांकि सुबह बारिश हो रही थी, लेकिन यात्रा को रवाना किया गया। बालटाल मार्ग के लिए 2618 और पहलगाम मार्ग के लिए 6155 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुए जत्थे में 1808 पुरुष, 709 महिलाएं, 33 बच्चे, 61 साधु, 7 साध्वी शामिल थे। पहलगाम मार्ग के लिए रवाना हुए जत्थे में 4081 पुरुष, 1924 महिलाएं, 12 बच्चे, 119 साधु, 17 साध्वी, दो ट्रांसजेडर शामिल थे। बालटाल मार्ग से 121 वाहनों और पहलगाम से 196 वाहनों में सवार होकर श्रद्धालु यात्रा पर गए।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra