जम्मू, राज्य ब्यूरो। अभी सूरज की किरणों ने पूरे क्षेत्र में उजाला किया ही था और लोग अपनी दिनचर्या शुरू कर रहे थे। अचानक मोहम्मद रमजान के घर में कहर टूट गया। सुबह के समय चाय पी रहे परिवार के घर की रसोई के बाहर जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते परिवार के सभी सदस्य खून से लथपथ थे। जिनके हाथ में चाय का प्याला था, वह वहीं जिंदगी की आखिरी सांसे ले रहा था।

धमाके की आवाज सुनकर गांव के लोग और करीबी रिश्तेदार भी वहां पर पहुंचे। खून से लथपथ परिजनों को जब बाहर निकाला तो पूरा घर उजड़ गया था। यह दर्दनाक और दिल को दहला देने वाला दृश्य पुंछ के बालाकोट सेक्टर के गांव देवता धार में रहने वाले मोहम्मद रमजान के घर का था। परिवार में दो सगी बहनों छह वर्षीय महरीन और दस वर्षीय नौरीन को छोड़ कर कोई भी सांसे नहीं ले रहा था। जीएमसी के रिकवरी वार्ड में भर्ती नौरीन इस दृश्य को याद कर बार-बार रो रही थी और उसकी आंखों से अश्रुओं की धारा रूकने का नाम नहीं ले रही थी। दोनों बहनों को पहले राजौरी और फिर दोपहर बारह बजे एयर लिफ्ट करके जीएमसी में लाया गया था। छह वर्षीय महरीन को लीवर में गंभीर चोटें पहुंची हैं। जीएमसी में दोपहर करीब बारह बज कर चालीस मिनट पर लाते ही उसका इमरजेंसी में आपरेशन हुआ और उसे आईसीयू में भर्ती करवा दिया गया। उसे अभी भी होश नहीं है। डाक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

वहीं रिकवरी वार्ड में नौरीन कुछ भी कहने की हालत में नहीं है। उसे यह पता है कि परिवार में कोई भी नहीं बचा है। आज के बाद न तो वह किसी को अम्मी, अबू और न ही भाई जान कह सकेगी। उसके करीबी रिश्तेदार और अस्पताल में आने जाने वाले सांत्वना दे रहे हैं लेकिन शायद उस पर इसका कोई भी असर नहीं पड़ रहा है। राज्य सरकार के कई मंत्री उसके पास पहुंचे लेकिन हर बार वह रो कर ही अपने दर्द को बयां कर पाई। दोनों बहनों के करीबी रिश्तेदार इश्तियाक ने बताया कि किसे पता था कि पाकिस्तान की इस नापाक हरकत से पूरा परिवार ही चला जाएगा।

उन्होंने बताया कि सुबह करीब पौने आठ बजे पूरा परिवार चाय पी रहा था जब अचानक यह मोर्टार शेल गिरा। इतनी जोर से आवाज हुई कि पल भर पता ही नहीं चला कि क्या हो गया। दुआ कर रहे हैं कि दोनों ही बहनें बच जाएं। वहीं जम्मू के पीआरओ डिफेंस ले. कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि पाकिस्तान की सेना ने सुबह पौल आठ बजे से लेकर साढ़े ग्यारह बजे तक 80 एमएम और 120 एमएम के मोर्टार शेल चलाए। इसमें एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। दो बहनें घायल हैं। उन्हें जीएमसी में भर्ती करवाया गया है। भारत ने भी इसका मुंह तोड़ जवाब दिया है।

गोलाबारी कर देशविरोधी तत्वों का हौसला बढ़ा रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर खूनखराबा कर घुसपैठ की ताक में बैठे आतंकवादियों व राज्य में उसकी शह पर काम कर रहे देश विरोधी तत्वों का हौंसला बढ़ा रहा है। रविवार को पुंछ के बालाकोट सेक्टर में 120 एमएम का बड़ा गोला दाग एक ही परिवार के पांच लोगों की जान लेने वाले पाकिस्तान ने गत माह 4 तारीक को राजौरी में नियंत्रण रेखा पर सेना की चौकी पर गाईडेड मिसाइल दाग कर सेना के 4 जवानों को शहीद कर दिया था।

सैन्य सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान सीमा पर जवाबी कार्रवाई व कश्मीर में उसकी शह पर कार्रवाई कर रहे आतंकवादियों पर सटीक प्रहारों से हताश है। भारतीय सेना की कड़ी जवाबी कार्रवाई से यहां इस वर्ष सीमा पार दो दर्जन से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है तो वहीं जम्मू कश्मीर में इस वर्ष अब तक सेना, सुरक्षाबलों ने तीस के करीब आतंकवादियों को मार गिराया है। यह सिलसिला जारी है। यह पाकिस्तानी सेना के लिए हताश का कारण है कि एक ओर घुसपैठ पर अंकुश लग है तो दूसरी और कश्मीर में उसके आतंकवादी लगातार मारे जा रहे हैं। इस हताशा में दुश्मन सीमा पर गोलाबारी व राज्य में बड़े आतंकवादी हमले करवाने की कोशिश में है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री डा निर्मल सिंह ने बालाकोट में गोलाबारी में पांच नागरिकों की मौत को पाकिस्तान की कायराना कार्रवाई करार दिया। उनका कहना है कि सटीक प्रहारों से पाकिस्तान असमंजस में है। ऐसे में वह जानबूझ कर नागरिकों पर गोले दाग रहा है। उस उसके किए की सजा जरूर दी जाएगी। इसी बीच जारी वर्ष में अब तक पाकिस्तान की ओर से बड़े संघर्ष विराम के 200 के करीब मामले हुए हैं। छोटे मोटे संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले भी मिला लिए जाएं तो यह संख्या 400 से भी अधिक है। अब तक नियंत्रण रेखा पर यहां संघर्ष विराम उल्लंघन के डेढ़ सौ से अधिक मामले हुए हैं तो वहीं अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भी चालीस से अधिक मामले हुए हैं। इनमें नियंत्रण रेखा पर 11 सुरक्षा कर्मियों समेत 25 व आईबी पर भी 4 लोग शहीद हो गए हैं।

पांच लोगों की मौत से दुखी हूं

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बालाकोट सेक्टर में पाकिस्तान की गोलाबारी में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शांति वार्ता शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे आगे बढ़ाया लेकिन पठानकोट हमले ने सब कुछ तबाह कर दिया। उन्होंने लिखा कि अगर जम्मू कश्मीर के लोगों को बचाना है तो सही दिशा में जाना होगा।

जरूरी कदम उठाए जा रहे जम्मू:

आईजीपी जम्मू एसडी सिंह जम्वाल का कहना है कि पुलिस हालात से वाकिफ है। सिविल लोगों को बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। गोलाबारी रूक गई है। प्रशासन लोगों के बीच है। प्रभावित क्षेत्रों में बुलेफ प्रूफ वाहन भेजे गए हैं। --- एक लाख का चेक दिया जम्मू: पुंछ के डिप्टी कमिश्नर तारिक अहमद जरगर ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। वह उस घर में भी गए जहां पर पांच लोगों की मौत हो चुकी हे। उन्होंने दो बहनों के लिए एक लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने कहा कि जल्दी ही पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजने को कहा। 

गोलाबारी प्रभावितों के बीच पहुंचे देवेंद्र राणा

नेशनल कांफ्रेंस के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने रविवार को बालाकोट का दौरा कर पाकिस्तान की भारी गोलाबारी से प्रभावित परिवारों की सुध ली। राणा जीरो लाइन पर उस घर में भी गए जिस पर पाकिस्तान ने सुबह गोला दाग कर एक ही परिवार के पांच लोगों की जान ले ली। बाद में उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मृतकों के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा लिया। राणा ने गोलाबारी प्रभावितों को हर प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन देते हुए कहा कि इस त्रासदी को शब्दों से बयान नहीं किया जा सकता है। राणा ने मृतकों के रिश्तेदारों को पार्टी प्रधान फारूक अब्दुल्ला व कार्यवाहक प्रधान उमर अब्दुल्ला की ओर से सांत्वना भी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी उनके दुख में शरीक है। राणा के साथ विधानसभा के सदस्य जावेद राणा, पार्टी नेता एजाज, चौधरी हारून, विजय लोचन, अब्दुल गनी तेली व पार्टी के कई कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

दोनों बहनों की सरकार करेगी देखभाल 

पाकिस्तान की गोलाबारी में बची दो बहनों की सरकार देखभाल करेगी। दोनों सगी बहनों के माता-पिता और तीन भाइयों की मौत हो गई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और सड़क एवं भवन निर्माण मंत्री नईम अख्तर ने जीएमसी अस्पताल में दोनों बहनों का हाल जानने के बाद यह बात कही। दोनों बहनों नौरीन और महरीन को एयर लिफ्ट कर जीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया था। मंत्री ने कहा कि वह पीड़ितों के पास पहुंच रही है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, बाली भगत ने भी पुंछ में नियंत्रण रेखा पार से गोलीबारी और हीरानगर सड़क दुर्घटना में घायलों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। मंत्री ने घायलों और उनके तीमारदारों के साथ बातचीत की और उनके उपचार के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने डॉक्टरों से भी बातचीत की और सभी घायलों की स्थिति की जानकारी ली। बाली भगत ने डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को घायलों को हर संभव बेहतर उपचार देने का निर्देश दिया। पशुपालन मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने भी जीएमसी अस्पताल में पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा पार से गोलाबारी में घायल हुई दो नाबालिग लड़कियों के इलाज के बारे में पूछताछ की। कोहली ने दोनों केशीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की और अस्पताल प्रबंधन से घायलों को सभी संभव चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा।

पाक गोलाबारी कर निकाल रहा खीज : जितेंद्र सिंह

प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में भारी जानी नुकसान से हताश होकर हमारे नागरिकों पर गोले दाग रहा है। उसे इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। पुंछ में पाकिस्तानी की गोलाबारी में पांच नागरिकों की मौत पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है। परोक्ष युद्ध को शह दे रहे पाकिस्तान के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो रही है, जो पहले नहीं होती थी। सुरक्षाबलों को कड़ी कार्रवाई करने की खुली छूट है। 

Posted By: Preeti jha

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