श्रीनगर, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस से पहले मरीज की मौत हुई है। प्रदेश में इस समय कोरोना वायरस के 10 पाजिटीव मामले हैं। कश्मीर के हैदरपोरा में कोरोना वायरस से मरने वाले इस 65 वर्षीय व्यक्ति से जुड़े 48 अन्य लोगों काे एहतियात के तौर पर क्वरंटाइन कर दिया गया है। यही नहीं मृतक के मकान के आसपास के करीब 500 मीटर इलाके को भी सैनिटाइज किया गया। मृतक के साथ संपर्क में आए शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान अस्पताल जेवीसी बेमिना के 14 स्वास्थ्यकर्मियों को भी एहतियात के तौर पर आइसोलेशन में रखा गया है। जम्मू-कश्मीर में सरकार के प्रवक्त रोहित कंसल ने भी इस मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दिवंगत के साथ संपर्क में आए चार अन्य लोग भी कोरोना से पीड़ित हैं और इस समय उपचाराधीन हैं।

इस बीच, प्रशासन ने दिवंगत के मामले में कोरोना प्रोटोकाल के उल्लंघन की शिकायतों की जांच का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही एक एडवाइजरी जारी कर उसके जनाजे में उसके परिजनों के ही शामिल होने व उसको दफन किए जाने के समय की मजहबी रस्मों को पूरा करने के समय पूरा एहतियात बरतने की भी हिदायत दी है। उसे कम से कम आठ फुट गहरी कब्र में दफनाए जाने का आग्रह किया है। कश्मीर के मजहबी संगठनों ने भी लोगों से अपील की है कि वे इस संदर्भ में वैज्ञानिकों, डाक्टरों और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कोरोनो वायरस से संक्रमित 65 वर्षीय व्यक्ति की अाज गुरुवार तड़के श्रीनगर के सीडी अस्पताल डलगेट में मौत  हुई। हालांकि वह शुगर, उच्च रक्तचाप की बीमारी से पहले ही ग्रस्त था।

मृतक की पहचान को प्रशासन ने उजागर नहीं किया है, लेकिन यह 65 वर्षीय व्यक्ति एक तबलीगी जमात के साथ जुड़ा हुआ था। मूलत: उत्तरी कश्मीर में सोपोर का रहने वाला यह व्यक्ति बीते कई सालों से श्रीनगर के हैदरपोरा इलाके में रह रहा था। यह आदमी कुछ दिन पूर्व दिल्ली में आयोजित एक मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लेने गया था। इस सम्मेलन में मलेशिया, इंडोनेशिया, दुबई व अन्य कई मुल्कों से भी इस्लामिक विद्वान और प्रचारक आए थे। श्रीनगर लौटने से पूर्व यह आदमी जम्मू के निकट बड़ी ब्राह्मणा में भी एक मदरसे में रुका था। उक्त मदरसे से संबधित आठ लोगों को भी प्रशासन ने क्वरंटाइन केंद्र में भर्ती कर लिया है। हालांकि यह व्यक्ति 15 फरवरी को पहले भी अंडमान निकोबार गया था। उसके कुछ दिन बाद श्रीनगर लौटा था। इसके बाद वह पांच मार्च को श्रीनगर से दिल्ली गया। दिल्ली से उत्तरी प्रदेश और उत्तरप्रदेश से 16 मार्च को जम्मू पहुंचा था।

मंडलायुक्त कश्मीर ने दिए जांच के आदेश

कोरोना वायरस के कारण घाटी में हुइ पहली मौत ने बड़ी लापरवाही को उजागर किया है।  मंडलायुक्त कश्मीर पांडुरंग के पाेले ने इस लापरवाही का कड़ा संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त आयुक्त कश्मीर तस्सदुक हुसैन मीर को पूरे मामले की जांच के आदेश दिया है। यही नहीं उन्हें दो दिन में अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा गया है। मंडलायुक्त ने उन रिपोर्टों का तर्क दिया है जिसमें मृतक व्यक्ति में शुरू से ही कोरोना के लक्षण पाए जाने की बात बताई गई है। लेकिन डाक्टरों ने इन पर ध्यान ही नहीं दिया। यह व्यक्ति 21 मार्च को शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान अस्पताल बेमिना में पहली बार आया था। इसने अस्पताल में अपनी यात्रा का पूरा ब्यौरा भी दिया था। उसकी ट्रैवल हिस्ट्री व करोनो के लक्षणों के बावजूद डाक्टरों ने उसकी जांच में कोरोना उपचार के पूरे प्रोटोकाल का पालन नहीं किया था। इसके बाद इसे 23 मार्च को सीडी अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां लिए गए सैंपल की रिपोर्ट पाजिटिव आयी। उसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने इस व्यक्ति के बारे में तत्काल मंडलायुक्त कार्यालय को सूचित नहीं किया। इसलिए बेमिना अस्पताल के मेडिकल सुपरिनटेंडेंट और सीडी मेडिसन बेमिना अस्पताल के विभागाध्यक्ष से भी इस बारे में पूरी पूछताछ होनी चाहिए, क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के कारण कई लोगों की जान खतरे में आयी है।

प्रशासन ने मृतक के परिजनों के लिए जारी की एडवाइजरी

इस बीच, कश्मीर प्रशासन ने गृहमंत्रालय की निर्देशावली के आधार पर मृतक के परिजनों व उसके रिश्तेदारों और अन्य लाेगों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि करोनो पीड़ित व्यक्ति की मौत होने पर उसके शव को न नहलाया जाए, कोई उसे चूमे नहीं और न उससे लिपटे। दिवंगत का शव जिस कपड़े मे रखा जाए या जिस वाहन और ताबूत में उसे ले जाया जाए, उसे पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाए। ऐसा करने वालो के लिए एन-95 मास्क पहनना जरूरी है। सीडी अस्पताल के डाॅ नवीद ने कहा कि मृतक के परिजनों को एहतियात के तौर पर शव के नजदीक नहीं जाना चाहिए। अगर कोई जाता है तो उसे पूरा एहतियात बरतते हुए वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सभी आवश्यक उपकरण इस्तेमाल करने चाहिए। मृतक के परिजनों व उसके रिश्तेदारों ने प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करते हुए उसे सुपुर्द-ए-खाक किया। 

सनद रहे कि कश्मीर के बांडीपोरा में गत बुधवार को चार और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में पॉजिटिव मामलों की संख्या 11 हो गई है। इसमें जम्मू में एक मरीज ठीक भी हुआ है। इस बीच, श्रीनगर में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में बुधवार आधी रात से कफ्र्यू लगाने का फैसला किया है। जिले में निजी वाहन और निजी प्रतिष्ठान 15 अप्रैल तक बंद रहेंगे।

जम्मू कश्मीर में निगरानी में रखने वालों की संख्या 5124 हो गई है। 3061 लोगों को घरों में और 80 लोगों को अस्पतालों में क्वारंटाइन किया गया है। अब तक 326 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसमें 294 के मामले निगेटिव आए हैं। 21 की रिपोर्ट आना शेष है। इस बीच, बुधवार सुबह ही कश्मीर के बांडीपोरा के चार और लोगों के कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने ट्वीट कर बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वे श्रीनगर के एक मरीज के संपर्क में आाए थे।

इन पांच लोगों ने धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया था। वहीं, जिला सांबा के बड़ी बाह्मणा की तेली बस्ती में कोरोना वायरस के आठ संदिग्धों को प्रशासन ने क्वारंटाइन में भेज दिया है। गत दिनों बांडीपोरा में कोरोना से संक्रमित मरीज के संपर्क में ये आठ लोग आए थे। उधर, लद्दाख में 13 लोग संक्रमित हैं। इस बीच पहले दिन लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर कइयों पर कार्रवाई की गई।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप