जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच पूर्व जम्मू कश्मीर राज्य की संपत्तियां, अधिकार, देनदारियों और पदों के विभाजन का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। यह विभाजन 31 अक्टूबर 2019 को आए आंकड़ों के अनुसार और संपत्ति और देनदारियों के विभाजन पर सलाहकार समिति की सिफारिशों के अनुसार किया है। आदेश जम्मू कश्मीर वित्त विभाग ने जारी किया।

वित्त विभाग के क्षेत्र से संबंधित कंपनियों, निगमों और संस्थाओं में इक्विटी का 20 फीसद और जम्मू कश्मीर की तत्कालीन सरकार के कर्ज का 20 फीसद लद्दाख स्थानांतरित कर दिया है। आदेश अनुसार, लद्दाख में स्थित जम्मू-कश्मीर वित्तीय निगम और जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक लिमिटेड की अचल संपत्तियां लद्दाख में ही सही स्थान पर स्थापित की जाएंगी। दोनों ही निगमों में काम करने वाले कर्मचारियों को लद्दाख में या जहां इन्हें स्थापित किया जाएगा, वहां पर नौकरी करने का विकल्प दिया जाएगा।

उनकी सेवाएं पूरी तरह से लद्दाख प्रशासन पर निर्भर करेंगी। ये कंपनियां दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में तब तक काम करेंगी जब तक उन्हें लद्दाख में किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जाता है। लद्दाख का एक प्रतिनिधि जेएंडके ग्रामीण बैंक के निदेशक मंडल में होगा। स्टाफ को विकल्प देने और उन्हें स्थानांतरित करने की प्रक्रिया बोर्ड की अगली बैठक में तय होगी।

जम्मू कश्मीर वित्तीय निगम का नाम बदल कर जम्मू कश्मीर और लद्दाख वित्तीय निगम किया है। इस संयुक्त निगम के निदेशक मंडल में लद्दाख का एक सदस्य होगा। इसमें पूर्व जम्मू कश्मीर के समय से इक्विटी का 20 फीसद और कर्ज का 20 फीसद भी लद्दाख को स्थानांतरित कर दिया है।

51 फीसद शेयर जम्मू-कश्मीर के पास : आदेश के अनुसार, जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड पहले की तरह काम करता रहेगा। इस बैंक में अधिकांश शेयर जम्मू-कश्मीर के ही हैं। इसमें 51 फीसद शेयर जम्मू-कश्मीर के पास रहेंगे। 8.23 फीसद शेयर लद्दाख को स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। यही नहीं, जेके बैंक के निदेशक मंडल में भी एक सदस्य लद्दाख से होगा। इसमें बैंक में होने वाली भर्तियों का एक हिस्सा लद्दाख से होगा। इसकी प्रक्रिया बैंक तय करेगा।

1956 करोड़ की वित्तीय संपत्ति लद्दाख को : चल और अचल संपत्तियों का विभाजन किया है। जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन सरकार से संबंधित सभी अचल संपत्तियां जो निगमों, बोर्ड व अन्य संस्थाओं से संबंधित हैं, उन्हें छोड़कर और जहां यह स्पष्ट रूप से प्रदान की हैं, वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जहां हैं, उसी आधार पर रहेंगी। जम्मू-कश्मीर की पूर्ववर्ती सरकार की चल-अचल संपत्तियां, निगमों, बोर्डों व अन्य संस्थाओं से संबंधित हैं तथा जो स्थान पहले से तय हैं जैसे कार्यालय उपकरण, प्रयोगशाला उपकरण, आफिस सप्लाई, रिकार्ड आदि, जहां है वहीं रहेंगे। दोनों प्रदेशों में उनके स्थानों के आधार पर चल-अचल संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा।

आदेश में आगे कहा है कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में जहां पर भी सरकारी विकास योजनाओं पर जितना खर्च हुआ, दोनों केंद्र शासित प्रदेश उनका आंकलन करके स्वयं भुगतान करेगी। वित्तीय संपत्ति के तहत 1956 करोड़ की वित्तीय संपत्ति लद्दाख को ट्रांसफर की है। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के कर्मचारियों की संख्या आधार पर फंड व पेंशन की देनदारियां दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित की है। पूर्व में जम्मू-कश्मीर राज्य की कुल देनदारी के दो फीसद के हिसाब से 2504.46 करोड़ की देनदारी लद्दाख को ट्रांसफर की गई है। 

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