जम्मू, अशोक शर्मा । बिलावर के गांव बरोटा से निकल कर फेंसिंग में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके फेंसर मयंक शर्मा, 29 सितंबर से गुजरात में होने वाली नेशनल गेम्स में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। इसी वर्ष मई में स्पेन में आयोजित वरिष्ठ पुरुष सेबर फेंसिंग विश्व कप में भाग लेने वाले मयंक को उम्मीद है कि वह इस वर्ष नेशनल गेम्स में पदक जीत सकते हैं। इसके लिए वह इन दिनरों कड़ी मेहनत कर रहे हैं और मेहनंत भी ऐसी कि पिछले करीब एक महीनें में उन्होंने करीब आठ किलो वजन कम किया है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से पीठ की दर्द के कारण परेशन रहा और जिस तरह की एक्सरसाइज करने की जरूरत होती है। जितनी मेहनत करना चाहता हूं नहीं कर पा रहा था।अब सेहत ठीक है और नेशनल गेम्स सिर पर हैं। बचपन से ही एक सपना था कि नेशनल गेम्स में पदक जीतना है। यह देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता होती है। हर खिलाड़ी का इन खेलों में भाग लेने का सपना होता है।पदक जीतने पर पूरे देश में नाम होता है। खिलाड़ी जिस भी खेल का भी हो उसे एक अलग पहचान मिलती है।हमारी सेबर की टीम ने ही नेशनल गेम्स के लिए क्वालीफाई किया है।

हमारी टीम काफी अच्छी है।विशाल थापर, जावेद चौधरी, उदयवीर सिंह सभी अनुभवी खिलाड़ी हैं। एकल के लिए विशाल थापर और मंयक शर्मा ने ही क्वालीफाई किया है।मंयक का इस वर्ष सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में आठवां रैंक था।मयंक कहते हैं कि फेंसिंग उनका ओडना बिछोना है। जब से होश संभाली है फेंसिंग कर रहा हूं और जीवन भर फेंसिंग करने की चाहत है।पापा फेंसिंग कोच हैं और हम स्टेडियम के क्वार्टरों में ही रहते थे। इस लिए बचपन से ही स्टेडियम जाना शुरू कर दिया था। पिछले करीब 18 वर्षो से फेंसिंग कर रहा हूं। मिन्नी नेशनल से लेकर स्कूल नेशनल और जूनियर नेशनल से सीनियर नेशनल फेंसिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका मिल चुका है। अब टीम और एकल मिलाकर राष्ट्रीय प्रतियोगतिाओं में 22 पदक जीत चुका हूं। इनमें दो स्वर्ण पदक हैं।इस वर्ष ओडिशा में आयोजित जूनियर नेशनल फेंसिंग प्रतियोगिता में हमारा टीम गोल्ड था।

प्रदर्शन के आधार पर खेलो इंडिया में चयन हुआ

प्रदर्शन के आधार पर खेलो इंडिया में चयन हुआ। इन दिनों एनआइएस पटियाला नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में ट्रोनिंग कर रहा हूं।पटियाला में अभ्यास के दौरान काफी कुछ नया सीखने को मिला। हर प्रतियोगिता का अपना एक नया अनुभव होता है। विश्व फेंसिंग चैंपियनशिप में काफी कुछ नया देखने और सीखने काे मिला। उस अनुभव का भी नेशनल गेम्स में लाभ मिलेगा।मेहनत तो लगातार कर रहा हूं। इन दिनों जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की ओर से आयोजित विशेष शिविर में भाग ले रहा हूं। इस शिविर का भी काफी लाभ हुआ है। इन दिनों तीन घंटे सुबह और तीन घंटे शाम को अभ्यास चल रहा है। लक्ष्य एक ही है कि नेशनल गेम्स में जम्मू-कश्मीर के लिए पदक जीतना है।

देश के लिए अधिक से अधिक खेलना है लक्ष्य

मयंक शर्मा ने कहा कि उनका एक मात्र लक्ष्य देश के लिए अधिक से अधिक खेलना है।कोशिश है कि विश्व भर में होने वाले हर फेंसिंग प्रतियाेगिता में देश का प्रतिनिधित्व करूं। इसके लिए जितनी भी मेहनत करनी पडे़ करने को तैयार हूं। चाहता हूं कि मेरे गांव काे फेंसिंग से विशेष पहचान मिले। पापा राष्ट्रीय टीम को कोचिंग दे चुके हैं। उनके हाथों से सैंकड़ों खिलाड़ी निकले हैं। उनसे प्रशिक्षित खिलाड़ी जम्मू-कश्मीर के लिए देश के लिए सैंकड़ों पदक जीत चुके हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में फेंसिंग को लाया और उसे शिखर तक पहुंचाया। अब वह चाहते हैं कि वह देश के लिए खेल कर अपने गांव का नाम रोशन करें।मयंक गर्व से कहते हैं कि वह किसान परिवार से हैं। मेहनत करना उनके खून में है। घर वालों ने हमेशा मेहनत करने में विश्वास किया है, वह भी ऐसा ही करेंगे।

Edited By: Vikas Abrol

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