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'सीमा पार भी देखिए PoK की क्या हालत है', फारूक अब्दुल्ला के बयान पर BJP का पलटवार

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:48 PM (IST)Updated: Sat, 24 Oct 2026 07:09 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने ...और पढ़ें

फारूक अब्दुल्ला। वीडियो से ली गई तस्वीर

फारूक अब्दुल्ला। वीडियो से ली गई तस्वीर

HighLights

  1. भाजपा ने फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर बयान पर पलटवार किया।

  2. आरपी सिंह ने सीमा पार कश्मीरियों की दुर्दशा देखने को कहा।

  3. अनुच्छेद 370 हटने से कश्मीर भारत में बेहतर स्थिति में है।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को सीमा पार भी देखना चाहिए कि कश्मीरियों की क्या हालत है।

उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम को गुलाम कश्मीर (POK) की भी दुर्दशा देखनी चाहिए। कहा कि कश्मीर यहां बेहतर स्थिति में है, क्योंकि अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया है। कश्मीर को पूरी तरह से भारत में एकीकृत कर दिया गया है। यहां काफी संख्या में टूरिस्ट आ रहे हैं। लोग शांति से रह रहे हैं।

क्या था फारूक अब्दुल्ला का बयान

बता दें कि फारूक अब्दुल्ला ने बारामूला में अपने बयान में कहा कि आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? आपको उनके सामने खड़े होने और लड़ने का साहस दिखाना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते, तो आपका सफाया हो जाएगा। आपका नाम और पहचान मिट जाएगी और कोई आपको याद भी नहीं रखेगा।

हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है। यह हर जगह फैला हुआ है। कश्मीर मुद्दा हल नहीं हुआ है। यह हमारी रक्षा कर रहा है, अन्यथा उनकी मंशा अच्छी नहीं है। वे कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। सच बोलना आसान नहीं है, लेकिन जब तक आप सच नहीं बोलते और उस पर दृढ़ नहीं रहते।

अनुच्छेद 370 को लेकर संघर्ष तेज करने का एलान

साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर संघर्ष तेज करने का एलान किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।

शनिवार को बारामूला के डाक बंगले में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपने अधिकारों और विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि एक दिन जम्मू-कश्मीर को उसका विशेष दर्जा फिर हासिल होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने परिसीमन और चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया।