श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। आतंकियों के हमलों और बाहरी सेब व्यापारियों व ट्रक चालकों की हत्या के बावजूद शोपियां के सेब उत्पादकों ने बीते एक माह में नेफेड को 1.30 लाख पेटी सेब बेचा है। अधिकांश सेब उत्पादकों को उनके द्वारा बेचे गए सेब का भुगतान भी किया जा चुका है। वादी से करीब सवा छह लाख मीट्रिक टन सेब बाहर जा चुका है।

दरअसल, कश्मीर घाटी में आतंकी संगठनों ने सेब उत्पादकों को अपनी फसल पेड़ों से उतारने और उसके किसी भी प्रकार दूसरे राज्यों में न भेजने व बेचने का फरमान सुना रखा है। फरमान न मानने वालों को आतंकी संगठन निशाना भी बना रहे हैं। आतंकियों के फरमान से स्थानीय सेब उत्पादकों का हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए ही केंद्र सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर सेब खरीदने के लिए कश्मीर में मंडियां स्थापित कीं। इनमें नेफेड के जरिये सेब खरीदा जा रहा है।

इन मंडियों में किसान सेब लेकर पहुंच रहे हैं। यही नहीं, कई किसान खुद भी दूसरे राज्यों की मंडियों में सेब भेज रहे हैं। इससे हताश होकर आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां में राजस्थान के तीन ट्रक चालकों के अलावा पंजाब के एक सेब व्यापारी समेत चार लोगों की हत्या कर दी।

आतंकियों ने कई सेब उत्पादकों की फसल भी जलायी है। इसके बावजूद शाोपियां में स्थानीय किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं।जिला उपायुक्त शोपियां चौधरी मोहम्मद यासीन ने बताया कि एक माह में अगलर मंडी में सेब उत्पादक 130000 पेटी सेब बेच चुके हैं। अभी भी खरीद हो रही है। अगलर स्थित न्यू मेगा फ्रूट मंडी में किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलबध करायी जा रही हैं। इस मंडी को पीएमडीपी और नाबार्ड के तहत 31 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है। 

Posted By: Preeti jha

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