जम्मू, जेएनएन। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के डोडा जिला में दो भगोड़े आतंकियों के परिजनों ने शनिवार को अपने घर के बाहर 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत शान से तिरंगा लहाया। इतना ही नहीं आतंकियों के परिजनों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस तक उनके घरों पर शान से तिरंगा लहराता रहेगा।

आतंकियों के परिजनों ने कहा कि वे हमेशा से ही स्वतंत्रता दिवस के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराते रहे हैं। मेरा एक भाई पाकिस्तान सीमा पार कर चला गया और वह अब वहां पर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया है। जिस समय वह पाकिस्तान गया उस समय वह व्यस्क नहीं था, हम उसे वापस लाना चाहते हैं।

इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के राजभवन से 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरूआत भी की। उन्होंने सबसे पहले बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज हमारे नागरिकों की आशाओं और सपनों का प्रतीक रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों पर आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराएं।

इसी बीच उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' जनभागीदार और जनांदोलन की भावना का उत्सव है। स्कूल और कालेज इस अभियान में स्वतंत्रता सेनानियों और स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम सेनानियों के योगदान को याद करते हुए, उनके प्रति अपने श्रद्धा व्यक्त करते हुए कायर्कम आयोजित कर रहे हैं, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा जन महोत्सव बन रहा है। इसे देखते हुए अब हमारा भविष्य हमारी आत्मनिर्भरता और हमारे स्वाभिमान से ही परिभाषित होगी।

नागरिक सचिवालय में बैठक को संबोधित करने से पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डल झील में 'हर घर तिरंगा‘ रैली को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा उत्सव देश के आदर्शों और आकांक्षाओं का उत्सव है। मैं सभी से 13 से 15 अगस्त तक अपने घरों पर तिरंगा फहराकर इस अभियान और उत्सव में शामिल होने की अपील करता हूं।

 

Edited By: Vikas Abrol