जम्मू, जागरण संवाददाता। गांधी नगर पुलिस ने शहर में चल रहे जिस फर्जी गन लाइसेंस के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है, उसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। आरोपितों से पूछताछ और जब्त लाइसेंसों से पता चला है कि दोनों आरोपितों ने सेना के जवानों को ही अधिकतर लाइसेंस बनाकर दिए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान व महाराष्ट्र के जवान शामिल हैं, जो जम्मू कश्मीर में तैनात रह चुके हैं।

गांधी नगर पुलिस दबोचे गए आरोपितों तरणजीत सिंह निवासी भल्ला एनक्लेव, छन्नी हिम्मत और सतिंद्र सिंह निवासी प्रीत नगर, डिग्याना से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वे अपने शिकार कहां से ढूंढते थे।

पुलिस को आशंका है कि आरोपितों के साथ शहर के कुछ गन डीलर्स भी शामिल हैं, जो अपनी बंदूकें बेचने के लिए उनसे साठगांठ कर फर्जी लाइसेंस बना कर सेना के जवानों को दिलाते थे। पुलिस जल्द ही कुछ गन डीलर्स को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर सकती है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस को मिली सेना व प्रशासनिक विभाग की मुहरों की जांच भी की जा रही है।

अब तक पकड़े गए आरोपितों की निशानदेही पर 52 गन लाइसेंस व नकली मुहरें मिली हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपित इस धंधे में काफी समय से संलिप्त हैं। जल्द ही उनसे फर्जी लाइसेंसों का ब्योरा हासिल कर उन लोगों से भी पूछताछ की जाएगी, जो फर्जी लाइसेंसों पर बंदूकें लेकर गए हैं। 

Posted By: Preeti jha

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