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जम्मू में नकली नोटों का नेटवर्क कितना बड़ा? 3 राज्यों के आरोपी पकड़े गए, अब पता चलेगा कहां-कहां खपाई करेंसी

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:51 PM (IST)

जम्मू में नकली नोट बनाने वाले गिरोह के तीन आरोपितों को पुलिस ने पांच दिन की रिमांड पर लिया है। ...और पढ़ें

रातोंरात अमीर बनने की चाह में किराये के मकान में छाप रहे थे जाली नोट। (फाइल फोटो)

रातोंरात अमीर बनने की चाह में किराये के मकान में छाप रहे थे जाली नोट। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. नकली नोट बनाने वाले गिरोह के तीन आरोपित गिरफ्तार।

  2. पुलिस ने आरोपितों को पांच दिन की रिमांड पर लिया।

  3. ग्रामीण क्षेत्रों में नकली नोट खपाने की थी योजना।

जागरण संवाददाता, जम्मू। सैनिक कालोनी पुलिस द्वारा पकड़े गए नकली नोट तैयार करने वाले गिरोह की जांच अब उसके नेटवर्क और नोटों की सप्लाई तक पहुंचने पर केंद्रित हो गई है। पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपितों को अदालत में पेश कर पांच दिन की रिमांड हासिल की है।

पूछताछ में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपितों विजय साहनी निवासी मूल रूप से सिवान, बिहार, राहुल अहिरवार निवासी मूल रूप से छतरपुर, मध्य प्रदेश और इंदरपाल कुमार निवासी मूल रूप से साहिबगंज, झारखंड तीनों अब जम्मू में रह रहे है, ने अब तक कितने नकली नोट तैयार किए। इन्हें कहां-कहां चलाया और इस काम में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ है या नहीं।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 13,500 रुपये के जाली नोट, स्कैनिंग मशीन, प्रिंटर, कंप्यूटर और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है। इसके अलावा एक धारदार हथियार भी बरामद हुआ है।

19 सितंबर को किराये पर लिया था मकान

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपितों ने 19 सितंबर को अप्पर चौआदी में किराये पर मकान लिया था। पुलिस अब मकान मालिक से पूछताछ के अलावा यह भी पता लगा रही है कि आरोपितों ने मकान किराये पर लेने के लिए उन्होंने कौन-कौन से दस्तावेज दिए थे।

कहां-कहां खपाने थे नकली नोट?

जांच में यह महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है कि आरोपित कथित तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नकली नोट चलाने की फिराक में थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन क्षेत्रों को निशाना बनाया जाना था और क्या इससे पहले किसी स्थान पर नकली नोट चलाए जा चुके हैं।

इसके लिए आरोपितों के मोबाइल फोन, संपर्कों और आने-जाने की गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है।

क्या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं तार?

पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि तीनों आरोपितों ने यह काम खुद शुरू किया था या इनके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क है। बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड से जुड़े आरोपितों के जम्मू आने, आपस में संपर्क और अन्य लोगों से बातचीत की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोटों के लिए कच्चा माल कहां से आया और तैयार नोटों को किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।