जम्मू,राज्य ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर में डिस्ट्रिक्ट रेजीडेंसी प्रोग्राम को लागू करने के लिए तैयारियां जोरों से चल रही है। इसके लिए पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर शनिवार को जारी कर दिए गए। इस प्रोग्राम के तहत जम्मू कश्मीर के मेडिकल काॅलेजों में पीजी करे रहे डॉक्टरों को ग्रामीण जिला अस्पतालों में तीन महीने ड्यूटी देना अनिवार्य होगा। तीन महीने डयूंटी देने वालों को ही डिग्री दी जाएगी।

डिस्ट्रिक्ट रेजीडेंसी प्रोग्राम नाम दिया गया है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह कार्यक्रम पूरे जम्मू-कश्मीर में जुलाई महीने से लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए शनिवार को डॉक्टरों का रोस्टर जारी किया गया। पहला बैच जुलाई महीने से सितंबर महीने तक जम्मू-कश्मीर के 12 जिला अस्पतालों में ड्यूटी देगा। यह वे जिले हें जहां पर मेडिकल कॉलेज नहीं हैं। इनमें जिला अस्पताल गांदरबल, जिला अस्पताल कुलगाम, पुलवामा, शोपियां, कुपवाड़ा, बांडीपोरा, हंदवाड़ा, रियासी, सांबा, किश्तवाड़, ऊधमपुर, रामबन और पुंछ अस्पताल शामिल हैं।

यह प्रोग्राम जम्मू और श्रीनगर के अलावा कठुआ, डोडा, राजौरी, अनंतनाग और बारामुला जिलों में पलागू नहीं होगा। इन सभी जिलों में पहले से ही मेडिकल कालेज स्थापित किए जा चुके हैं। इसी तरह दूसरा बैच अक्टूबर से दिसंबर महीने तक ड्यूटी देगा। इसी तरह अगले वर्ष भी तीन-तीन महीने तक पीजी डॉक्टर ड्यूटी देंगे। डिस्ट्रिक्ट रेजीडेंसी प्रोग्राम लागू होने से जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। इससे पीजी कर रहे डॉक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों में ड्यूटी देने का भी अनुभव होगा।

डायरेक्टर न्यू मेडिकल कालेजिस डा. यशपाल शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में पीजी कर रहे सभी विद्यार्थियों, चाहे वे क्लीनिकल विभागों में हों या फिर नान क्लीनिकल में, उन्हें तीन महीने ग्रामीण जिला अस्पतालों में ड्यूटी देनी है। इसी के चलते उनके रोस्टर जारी किए गए हैं ताकि अगर कोई इसमें बदलाव चाहता है तो वे संपर्क कर सके। कार्यक्रम जुलाई महीने से लागू होगा। इन तीन महीनों की ड्यूटी के दौरान डाक्टरों के आवास, यातायात और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए राज्य और संभाग स्तर पर कमेटियों का भी गठन किया गया है। 

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