पुंछ, जेएनएन : पुंछ जिले के भाटाधुलियां के जंगल में एक बार फिर आतंकी देखे जाने के बाद सेना ने पूरे क्षेत्र को घेरकर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सेना के जवानों ने कुछ फायर किए और लांचर भी दागे, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद तोता गली से लेकर बीजी तक जम्मू-पुंछ हाईवे पर एहतियातन आवाजाही को रोक कर वाहनों को बाया संगयोट के रास्ते भेजा गया। हालांकि बाद में हाईवे फिर बहाल कर दिया गया। वहीं, देर शाम फिर से जंगल में आतंकी दिखने पर जवानों ने गोलीबारी की। इसके आद हाईवे को दोबारा रोककर वाहनों को संगयोट के रास्ते भेजा जाने लगा।

फिलहाल, सेना ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। पिछले वर्ष अक्टूबर में भी इस जंगल में सेना व आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में सेना के छह जवान बलिदान हो गए थे, लेकिन कोई भी आतंकी नहीं मारा गया था। इसके बाद इस आपरेशन को 21 दिन बाद समाप्त कर दिया गया था।

सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जंगल में आतंकियों के मौजूद होने की सूचना सेना को मिल रही थी और तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा था। वीरवार सुबह करीब दस बजे जवानों ने जंगल में हलचल देखी और उसी समय उन्होंने कुछ फायर करने के साथ संदिग्ध ठिकाने पर लांचर भी दागे, जिसकी आवाज दूर दूर तक सुनाई दी।

इसके बाद सेना ने तोता गली से लेकर बीजी तक वाहनों की आवाजाही को रोक दिया और गाड़ियों को संगयोट वाले मार्ग से आने जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान सड़क के आसपास सेना के जवानों ने तलाशी अभियान चलाया और करीब दो बजे वाहनों की आवाजाही को फिर से बहाल कर दी गई। देर शाम फिर से हलचल दिखने पर जवानों ने गोलीबारी की।

ड्रोन से हो रही जंगल की निगरानी : भाटाधुलियां के जंगल में सेना के जवान ड्रोन से भी नजर रख रहे हैं, ताकि आतंकी घेराबंदी तोड़ कर कहीं भाग न जाएं। इसके साथ रात को सेना के जवान जंगल में रोशनी के गोले दाग कर नजर रखे हुए हैं। सेना के उच्चधिाकरी भी मौके पर मौजूद हैं और पूरे आपरेशन का संचालन कर दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पिछले वर्ष अक्टूबर में भी इसी भूटाधूलिया के जंगल में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। आतंकवादियों की अचानक से की गई फायरिंग में सेना के 6 जवान बलिदान हो गए थे।

Edited By: Rahul Sharma

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