श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। उत्तरी कश्मीर के नाठीपोरा, सोपाेर में सुरक्षाबलों ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी कमांडर हमास उर्फ असरार समेत दाे आतंकियों को मार गिराया। असरार के साथ मारा गया दूसरा आतंकी दो दिन पहले ही लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा बना था। फिलहाल, सुरक्षाबलों ने मुठभेड़स्थल के आस-पास के इलाके में कुछ और आतंकियों के छिपे होने की आशंका के मद्देनजर तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सोपार में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है। हमाम ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर 29 मार्च को सोपोर में म्यूनिस्पिल काउंसलरों की बैठक में हमला किया था। हमले में भाजपा के दाे काउंसलर और एक पुलिसकर्मी शहीद हाे गया था।

यहां मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को आज दोपहर को खबर मिली थी कि आतंकियों का एक दल सोपाेर के नाठीपोरा में देखा गया है। पुलिस ने उसी समय सेना की 22 आरआार व सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर आतंकियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान चलाया। शाम चार बजे के करीब जवान जब तलाशी लेते हुए नाठीपोरा के भीतरी हिस्से में दाखिल हुए तो वहां छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग करते हुए वहां से भागने का प्रयास किया। जवानों ने तुरंत अपनी पाेजीशन ली और जवाबी फायर किया। उन्होंने आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद करते हुए उन्हें आत्मसमर्पण का भी माैका दिया, लेकिन आतंकी नहीं माने। इस बीच, पुलिस ने दो दिन पहले हटलंगू सोपोर से आतंकी बने वसीम अहमद लोन के परिजनों को भी मौके पर लाया। उनसे भी अपील कराई। स्थानीय गणमान्य नागरिकों से भी अपील कराई गई, लेकिन आतंकी नहीं माने। आतंकियों को लगातार गोलियां बरसाते देख जवानों ने भी जवाबी प्रहार तेज कर दिया और सूर्यास्त के बाद करीब 7.45 बजे दोनों आतंकी मारे गए।

आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि मारे गए आतंकियों की पहचान लश्कर के पाकिस्तानी आतंकी हमास उर्फ असरार उर्फ अबु सरिया और हटलंगू सोपोर के वसीम अहमद लोन के रुप में हुई है। उनके पास से एक एसाल्ट राइफल, एक इनसास राइफल और अन्य साजो सामान भी मिला है। सात लाख इनामी हमास तीन साल से था सक्रिय नाठीपोरा में मारा गए लश्कर आतंकी हमास पर सात लाख का इनाम था। वह मार्च 2018 से उत्तरी कश्मीर में सक्रिय था। उसने ही 29 मार्च को लश्कर-ए-तैयबा के एक स्थानीय आतंकी मुदस्सिर पंडित उर्फ माज के साथ मिलकर सोपोर में 29 मार्च को म्यूनिस्पिल काउंसलरों की बैठक मे हमला किया था।

हमले में भाजपा से संबधित दो काउंसलर जो रिश्ते में ससुर-दामाद थे, मारे गए थे। उनके साथ एक पुलिसकर्मी भी शहीद हुआ था। वसीम के परिजनों सोमवार को ही इंटरनेट मीडिया पर उससे घर लौटने की अपील की थी। हमास के साथ मारा गया आतंकी वसीम अहमद कथित तौर पर पत्थरबाजी में लिप्त रहा है। वह आतंकियों के लिए बतौर ओवर ग्राउंड वर्कर भी काम करता था और दो दिन पहले लश्कर में बतौर आतंकी सक्रिय हुआ था। सोमवार को उसके परिजनों ने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो जारी कर उससे घर लौटने की अपील की थी। उसके पिता ने आतंकी संगठन से भी अपना पुत्र लौटाने का आग्रह करते हुए कहा था कि इस्लाम में जिहाद के रास्ते पर जाने से पहले मां-बाप के प्रति अपने सभी फर्ज पूरे करना जरुरी होता है।

 

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