कटड़ा, जागरण संवाददाता। श्री माता वैष्णो देवी भवन पर बुधवार को आठ और पुजारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। पिछले दो दिन में 12 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने इन लोगों के संपर्क में आए कर्मचारियों के टेस्ट और सैनिटाइजेशन का काम तेज कर दिया है। ऐसे हालात में 16 अगस्त से शुरू होने वाली श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा पर संशय पैदा हो गया है।

श्राइन बोर्ड ने पिछले एक सप्ताह से कटड़ा से भवन तक सैनिटाइजेशन सहित अपने सभी कर्मचारियों और पुजारियों के कोरोना टेस्ट की जांच शुरू कर रखी है। गत मंगलवार को वैष्णो देवी के भवन पर तीन भजन गायक व सिक्योरिटी में तैनात एक जवान कोरोना संक्रमित पाया गया था। बुधवार को भी भवन पर नियुक्त दो कथा पुजारी तथा छह अन्य पुजारी पॉजिटिव पाए गए। इनमें से कुछ को श्राइन बोर्ड के नारायणा अस्पताल में और कुछ कर्मचारियों को पैंथल स्थित आइसोलेशन वार्ड में रेफर कर दिया गया है।

यात्रा पर संशय

अगर प्रशासन भवन परिसर व आसपास के क्षेत्र को बफर जोन या कंटेनमेंट जोन घोषित कर देता है, तो श्राइन बोर्ड के लिए 16 को यात्रा शुरू चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। गौरतलब है कि प्रशासन ने फिलहाल प्रतिदिन जम्मू कश्मीर के पांच हजार श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देने का फैसला किया है। इनमें 500 श्रद्धालु अन्य राज्यों के भी शामिल हो सकते हैं। बशर्ते सभी को प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करना होगा।

ये हैं यात्रा के नियम

उल्‍लेखनीय है कि वैष्णो देवी यात्रा 16 अगस्त से शुरू हो रही है। फिलहाल, प्रतिदिन अधिकतम पांच हजार श्रद्धालु ही यात्रा पर जा सकेंगे। इनमें दूसरे राज्यों के अधिकतम 500 श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। माता के भवन में एक समय में 600 से अधिक श्रद्धालुओं को इकट्ठे होने की इजाजत नहीं होगी। प्रदेश प्रशासन ने मंगलवार को राज्य के धार्मिक स्थलों को खोलने के साथ स्पष्ट और सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) जारी कर दी है। प्रदेश के हर जिले में धार्मिक स्थल खोलने की इजाजत दी गई है। इसके बाद अब श्री माता वैष्णो देवी, चरार-ए-शरीफ, हजरतबल, नंगाली साहिब, शाहदरा शरीफ, शिवखौड़ी भी खुल जाएंगे।

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