जम्मू, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बावजूद जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था ने अच्छा प्रदर्शन किया है। देश के अन्य राज्यों की तुलना में जम्मू कश्मीर ने कर वसूली में गत वर्ष की अपेक्षा इस साल आठ फीसद की छलांग लगाई है। अन्य राज्यों में यह दर कम हुई है।

देश के अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में सुधार नजर आ रहा है। जम्मू कश्मीर में पिछले साल अगस्त तक जीएसटी वसूली 302 करोड़ रुपये रही तो इस साल यह 326 करोड़ रुपये रही। यह आठ फीसद के करीब है। ऐसा आर्थिक गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहन देने से संभव हुआ है।

मंगलवार को ही जीएसटी वसूली के आंकड़े जारी किए गए हैं। इन आंकड़ों में जहां हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली व महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जीएसटी वसूली पिछले साल की वसूली के कम रही, तो जम्मू कश्मीर को अधिक कर मिला।

कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बावजूद जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था ने अच्छा प्रदर्शन किया है। देश के अन्य राज्यों की तुलना में जम्मू कश्मीर ने कर वसूली में गत वर्ष की अपेक्षा इस साल आठ फीसद की छलांग लगाई है। अन्य राज्यों में यह दर कम हुई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कोविड-19 के चलते इस बार सरकार की ओर से जो विशेष रियायत दी गई थी, उसका स्थानीय करदाताओं ने लाभ उठाते हुए रिटर्न दाखिल किया। रिटर्न दायर करने पर कोई जुर्माना नहीं था। इसके अलावा रिटर्न दायर करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया गया था। 

विभागीय अधिकारियों के अनुसार करदाताओं ने इसका लाभ उठाया और कर वसूली में विभाग का सहयोग दिया जिससे यह लक्ष्य हासिल हो पाया। अधिकारियों के मुताबिक आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के प्रयास भी इसमें फायदेमंद साबित हुए।

 

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