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जम्मू, दिनेश महाजन। अनुच्छेद 370 हटने के साथ ही राज्य में खासकर कश्मीर में पाबंदियों और तगड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू संभाग में पंजाब और हिमाचल के ड्रग तस्कर सक्रिय हो गए हैं। दरअसल, कश्मीर से नशे की सप्लाई न होने से अब इन दोनों राज्यों के तस्करों ने जम्मू में अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है। प्रशासन भी इस बात को मानता है कि इन दोनों राज्यों से तस्कर जम्मू में आकर ड्रग बेच रहे हैं। इसके बावजूद अभी कोई बड़े कदम उठाए नजर नहीं आ रहे हैं।

जम्मू को बड़ा बाजार मानते हुए गुरदासपुर और डंमटाल से कई तस्कर हेरोइन और चरस की खेप को लेकर सुबह जम्मू आ रहे हैं और शाम तक इसे बेचकर वापस लौट जाते हैं। एसएसपी जम्मू तेजेंद्र सिंह ने कहा कि सख्ती के चलते कश्मीर से मादक पदार्थों की तस्करी काफी हद तक कम हुई है, जिसके चलते पंजाब के तस्करों ने जम्मू का रुख करना शुरू कर दिया है। पंजाब से आने वाले वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है। तीन दिन पूर्व भी गंग्याल इलाके से कुछ तस्करों को 18 ग्राम हेरोइन के साथ दबोचा था।

पिछले साल 1291 लोगों को पकड़ा:

राज्य पुलिस ने वर्ष 2018 में मादक तस्करी के आरोप में 1291 लोगों को दबोचा था। उनके कब्जे से 28 किलो हेरोइन, 362 किलो चरस, 19,873 किलो भुक्की बरामद हुई थी। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने 56 तस्करों पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट लगाया है। इस वर्ष मादक तस्करी के 26 हजार मामले दर्ज किए गए है, जो वर्ष 2017 की तुलना में काफी अधिक है।

पाकिस्तान के रास्ते कश्मीर में भेजी जाती है नशे की खेप:

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने राज्य में सक्रिय आतंकवादियों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए मादक पदार्थों का सहारा लिया है। कश्मीर घाटी के विभिन्न हिस्से जिनकी सीमा पाकिस्तान के साथ मिलती है, से नशे की खेप को भारत लाया जाता है। इसके बाद पाकिस्तान बैठे अंतरराष्ट्रीय मादक तस्कर घाटी में सक्रिय अपने कुरियरों की मदद से इस खेप को कश्मीर से देश के अन्य राज्यों विशेषकर जम्मू तक लेकर आते हैं।

Posted By: Rahul Sharma

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