डॉ. सज्जन सिंह यादव होंगे जम्मू-कश्मीर के नए मुख्य सचिव, 1 नवंबर से संभालेंगे कमान; अटल डुल्लु को सेवा विस्तार नहीं
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. सज्जन सिंह यादव को जम्मू-कश्मीर का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। वे ...और पढ़ें

डॉ. सज्जन सिंह यादव बने जम्मू-कश्मीर के नए मुख्य सचिव।
HighLights
डॉ. सज्जन सिंह यादव जम्मू-कश्मीर के नए मुख्य सचिव नियुक्त।
1 नवंबर से संभालेंगे कार्यभार, अटल डुल्लु का स्थान लेंगे।
अटल डुल्लु को लोक सेवा आयोग अध्यक्ष पद मिलने की संभावना।
नवीन नवाज, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव तय हो गया है। तमाम अटकलों के बीच मौजूदा मुख्यसचिव अटल डुल्लु को सेवाविस्तार नहीं मिला है और केंद्र सरकार ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. सज्जन सिंह यादव को केंद्र शासित प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 24 अक्टूबर, 2026 को जारी आदेश के अनुसार, उनकी नियुक्ति पहली नवंबर से अथवा उनके कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी।
1995 बैच के एजीएमयूटी कैडर के अधिकारी डज्ञ यादव को दिल्ली से जम्मू-कश्मीर स्थानांतरित किया गया है। वह मौजूदा मुख्य सचिव अटल डुल्लु का स्थान लेंगे, जिनकी सेवानिवृत्ति इसी महीने के अंत में निर्धारित है।
डुल्लु को जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किए जाने की संभावनाओं को लेकर भी प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा है। आयोग का अध्यक्ष पद पिछले दो महीने से अधिक समय से रिक्त है। हालांकि, डुल्लु की इस पद पर नियुक्ति को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सेवा विस्तार की चर्चाओं के बीच नए मुख्य सचिव की नियुक्ति
डॉ. यादव की नियुक्ति से पहले जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में अटल डुल्लु के कार्यकाल को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। उनके लिए सेवा विस्तार की संभावनाओं पर विचार किए जाने की अटकलें थीं। साथ ही, सेवा विस्तार नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें किसी महत्वपूर्ण संस्थान में शीर्ष पद दिए जाने की चर्चाएं भी सामने आती रही थीं।
डुल्लु के करीबी माने जाने वाले कुछ लोगों की ओर से जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक और संवैधानिक बदलावों के दौर में उनके अनुभव तथा भूमिका को सेवा विस्तार के पक्ष में महत्वपूर्ण आधार बताया जा रहा था। उनके कश्मीरी हिंदू होने का पहलू भी कुछ चर्चाओं में उठाया जाता रहा। क्त नेताइसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नए मुख्य सचिव की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया, जिससे नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति स्पष्ट हो गई।
उमर अब्दुल्ला सरकार के साथ संबंधों में आई थी तल्खी
अटल डुल्लु के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकार और प्रशासनिक तंत्र के बीच समन्वय को लेकर भी सवाल उठते रहे। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा रही कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के बीच कामकाज को लेकर मतभेद बढ़े थे। हालांकि, दोनों ने सार्वजनिक रूप से अपने संबंधों को लेकर किसी प्रत्यक्ष टकराव की पुष्टि नहीं की।
गौरतलब है कि जब उमर अब्दुल्ला ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य में पहली बार मुख्यमंत्री का पद संभाला था, तब डुल्लु के नेशनल कान्फ्रेंस के साथ अच्छे संबंध होने की चर्चा रही थी। लेकिन पिछले दो वर्षों के दौरान प्रशासनिक कामकाज और विभागीय बैठकों को लेकर दोनों के बीच कथित असहजता बढ़ने की बातें सामने आती रहीं।
बताया जाता है कि डुल्लु की ओर से मंत्रियों की अध्यक्षता में होने वाली विभागीय बैठकों के समानांतर कुछ बैठकों के आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार के भीतर नाराजगी थी। इसे प्रशासनिक अधिकारों और निर्वाचित सरकार की भूमिका के संदर्भ में देखा गया।
राज्य के दर्जे पर विधानसभा में चर्चा के दौरान बढ़ा विवाद
मुख्य सचिव और प्रदेश सरकार के बीच मतभेदों की चर्चा उस समय और तेज हो गई, जब जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली से संबंधित प्रस्ताव पर विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान मुख्य सचिव की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा गया।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताई थी।
इसे विधायिका और निर्वाचित सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप के रूप में देखा गया। विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थागत अधिकारों से जोड़कर उठाया था।
इस प्रकरण ने केंद्र शासित प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र और निर्वाचित सरकार के अधिकार क्षेत्र के बीच समन्वय को लेकर बहस को फिर से चर्चा में ला दिया।
अटल डुल्लु के अगले पद को लेकर निगाहें
जम्मू-कश्मीर मामलों के जानकार उमर मकबूल के अनुसार, अटल डुल्लु को सेवा विस्तार नहीं मिलने की स्थिति में लोक सेवा आयोग के अगले अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। उनके मुताबिक, इस पद के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जिस नाम की सिफारिश की गई थी, उसे पहले स्वीकार नहीं किया गया था।
ऐसे में डुल्लु की सेवानिवृत्ति के बाद आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है। हालांकि, उन्हें इस पद पर नियुक्त किए जाने के संबंध में अभी कोई आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित विकल्प के रूप में ही देखा जा रहा है।
नए मुख्य सचिव के सामने होंगी प्रशासनिक समन्वय की चुनौतियां
जम्मू कश्मीर मामलों के जानकार तरुण उपाध्याय ने कहा कि डा सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक व्यवस्था, निर्वाचित सरकार के साथ तालमेल और नीतिगत फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा में हैं।
एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में डॉ. यादव के सामने विभिन्न विभागों के कामकाज में समन्वय बनाए रखने, प्रशासनिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सरकार तथा नौकरशाही के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।
उनके कार्यभार संभालने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासनिक निर्णयों और निर्वाचित सरकार की प्राथमिकताओं के बीच किस तरह तालमेल स्थापित होता है।
