जम्मू, राज्य ब्यूरो । प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जीएमसी अस्पताल जम्मू में कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध ऑक्सीजन व वेंटीलेटर्स का ऑडिट करने के निर्देश दिए हैंं। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जीएमसी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं होनी चाहिए।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि जीएमसी जम्मू प्रदेश का एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है, इस संस्थान से यह संदेश भेजकर लोगों में विश्वास जगाने की जरूरत है कि मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन की कमी नही आएगी। इस दौरान उन्होंने प्रशासन व जीएमसी प्रबंधन को यह विश्वास भी दिलाया कि संक्रमण में तेजी से उपजे हालात में उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने यह आपात बैठक मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज में दिक्कतें आने संबंधी रिपोर्टों को गंभीरता से लेते हुए बुलाई थी। इस बैठक में उपराज्यपाल के सलाहकार आरआर भटनागर, वित्त आयुक्त अतुल डुल्लू, जम्मू के डिविजनल कमिश्नर राघव लंगर, जम्मू के डीसी अंशुल गर्ग व जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन शर्मा ने हिस्सा लिया।

बैठक में डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में ऑक्सीजन की क्षमता बढ़ाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्हें बताया गया कि जीएमसी जम्मू में वर्षो 1200- 1200 एलपीएम क्षमता के 2 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं। इसके साथ सीडी अस्पताल में भी एक हजार एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। वही ऑक्सीजन सिलेंडरों की मौजूदगी पर डॉ. जितेंद्र सिंह को बताया गया कि इस समय जीएमसी जम्मू के पास 400 सिलेंडर मौजूद हैं।

ऐसे में डॉ. जितेंद्र सिंह ने जोर दिया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की क्षमता व वैंटीलेटर्स की मौजूदगी को लेकर ऑडिट किया जाए ताकि किसी की जान ना जाए। इस दौरान डॉ. जितेन्द्र सिंह को बताया गया कि जीएमसी जम्मू को 60 वैंटीलेटर, रेसपिरेटर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

इसके साथ डा जितेंद्र सिंह ने जीएमसी के डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे चोपड़ा नर्सिंग होम में अपने निजी कमरों, चैंबर्स खाली कर दें ताकि इन्हें कोरोना चैंबर्स के रूप में इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने डिवीजनल कमिश्नर को निर्देश दिए बेहतर आक्सीजन प्रबंधन के लिए मेडिकल कॉलेज में एक बायाे मेडिकल इंजीनियर व एक मैकेनिकल इंजीनियर तैनात किया जाए। इसके साथ पीजी के विद्यार्थियों, मेडिकल के फाइनल के विद्यार्थियों के साथ नर्सिंग व पैरामेडिकल के फाइनल ईयर के विद्यार्थियों की सेवाएं भी ली जाएं।

वहीं मरीजों के तीमारदारों के प्रति रवैये में बदलाव लाने पर जोर देते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्हें पीपीई किट उपलब्ध करवाया जाए। पुलिस के बजाय गैर सरकारी संस्थाओं सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से तीमारदारों को सलाह दी जाए कि मौजूदा हालात में उन्हें क्या करना है। इसकी डिप्टी कमिश्नर अंशुल गर्ग को सौंपी गई।

वहीं वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी लेने पर डॉ. जितेंद्र सिंह को बताया गया कि कि अब तक जम्मू में 45 वर्ष से उपर के आयुवर्ग में 96 प्रतिशत वैक्सीनेशन हो चुकी है। वहीं प्रदेश में यह दर 60 प्रतिशत है। वहीं 18 प्रतिशत से 45 वर्ष वर्ग में हर रोज 200-250 वैक्सीन लगाई जा रही है। अब तक इस वर्ग में 16,438 युवाओं को पहली डोज दे दी गई है।