जम्मू, जागरण संवाददाता। साहित्य अकादमी ने बुधवार को 23 भाषाओं में वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कार की घोषणा की। खास यह रहा कि इन पुरस्कारों में कविता संग्रह का दबदबा रहा। डोगरी में यह सम्मान स्व. ओम शर्मा जंद्रयाड़ी को रामनगर और आसपास क्षेत्रों का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक निबंध संग्रह 'बंदरालता दर्पण' के लिए और कश्मीरी में कश्मीरी कहानी संग्रह 'अख याद अख कयामत' के लिए अब्दुल अहद हाजिनी को मिलेगा। साहित्य अकादमी पुरस्कार के रूप में उत्कीर्ण ताम्रफलक, शाल और एक लाख रुपये की राशि प्रदान करेगी। घोषित पुरस्कार 25 फरवरी 2020 को नई दिल्ली में आयोजित विशेष समारोह में दिए जाएंगे। पुरस्कारों की अनुशंसा 23 भारतीय भाषाओं की निर्णायक समितियों द्वारा की गई। साहित्य अमादेमी के अध्यक्ष डाॅ चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में आयोजित अकादेमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में आज इन्हें अनुमोदित किया गया। डोगरी के निर्णायक मंडल में पद्मा सचदेव, प्रो. शशि पठानिया, डा. नरसिंह देव जम्वाल शामिल थे। वहीं कश्मीरी निर्णायक मंडल में फयाज तिलगामी, प्रो. मोहम्मद जमन अजुरदाह फारूक नाजकी शामिल थे।

अकादेमी के निर्णायक मंडल ने कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को भी उनके द्वारा ब्रिटिश काल पर लिखी गई पुस्तक एन इरा आफ डार्कनेस के लिए साहित्य की दुनिया में इतने बड़ा सम्मान से नवाजा है। उनके द्वारा अंग्रेजी में लिखी गई यह किताब 2016 में रिलीज हुई थी।

ये हैं पुरस्कार : यह पुरस्कार सात कविता संग्रह, चार उपन्यास, छह महानी संग्रह, तीन निबंध संग्रह, एक-एक कथेतर गद्य, आत्मकथा व जीवनी के लिए मिलेगा।

दुख है कि ओम शर्मा आज नहीं हैं...

दिवंगत ओम शर्मा जंद्रयाड़ी को यह सम्मान मिलने पर डोगरी संस्था के अध्यक्ष प्रो. ललित मगोत्रा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह डोगरी का बहुत बड़ा सम्मान है। दुख है कि जंद्रयाड़ी अपने जीते जी यह सम्मान हासिल नहीं कर सके। उनका कुछ दिन पहले निधन हुआ है। डोगरी ने अति वरिष्ठ साहित्यकार खो दिया है।

वरिष्ठ साहित्यकार ज्ञानेश्वर ने कहा कि दिवंगत ओम प्रकाश शर्मा जिंद्रयाड़ी इस पुरस्कार के हकदार थे। उनका कार्य और डोगरी साहित्य सेवा के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। दुख है कि वह स्वयं इस पुरस्कार को ग्रहण नहीं कर सकेंगे।

युवा लेखक प्रेरित होंगे : डॉ. हाजिनी

साहित्य अकादमी नार्दर्न रिजनल बोर्ड के संयोजक वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अजीज हाजिनी ने कहा कि इन साहित्यकारों को यह सम्मान मिलने से युवा लेखक प्रेरित होंगे। वह क्षेत्रीय भाषाओं में लिखना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि अब्दुल अहद हाजिनी पिछले करीब 35 वर्षो से कश्मीरी में लिख रहे हैं। उन्हें अनुवाद के लिए पहले से साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल चुका है। उनकी 20 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। वह कहानी के साथ-साथ, निबंध, आलोचना और साहित्य की दूसरी विधाओं में भी लिखते हैं। उनका साहित्य कश्मीर विश्वविद्यालय में भी पढ़ाया जाता है।

Posted By: Rahul Sharma

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