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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नहीं रहे डोगरी कवि व गीतकार सीताराम स्पोलिया

By JagranEdited By:
Published: Sun, 22 May 2022 06:00 AM (IST)

डोगरी के विख्यात कवि गीतकार सीताराम सपोलिया 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे।

नहीं रहे डोगरी कवि व गीतकार सीताराम स्पोलिया
नहीं रहे डोगरी कवि व गीतकार सीताराम स्पोलिया

जागरण टीम, जम्मू-सांबा : डोगरी के विख्यात कवि, गीतकार सीताराम सपोलिया 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव दियानी में किया गया। संस्कार में परिवार के सदस्यों के अलावा कई गणमान्य लोग, कवि, साहित्यकार, कलाकार शामिल हुए। उनके निधन पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट कर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डोगरी ने एक महान कवि खो दिया है। वहीं डीसी सांबा डा. अनुराधा गुप्ता ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

सीताराम सपोलिया को वर्ष 2013 में उनकी दोहा सतसई के लिए उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित किया गया। जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी के अलावा उन्हें कई साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संगठनों ने सम्मानित किया। उन्हें प्राइड आफ सांबा के खिताब से भी नवाजा जा चुका है। उनकी कविताएं, गीत, भजन डोगरा समाज में विशेष पहचान बनाए हुए हैं। रेडियो से उनके कई लेख कविताएं प्रसारित हो चुकी हैं। उनके कई दोहे, लेख अकादमी से प्रकाशित शिराजा में प्राकशित हो चुके हैं। सीताराम सपोलिया के निधन पर साहित्यकारों, कलाकारों, साहित्य प्रेमियों ने शोक व्यक्त किया है। सपोलिया का जन्म 22 नवंबर 1938 को सांबा जिले के छोटे से गांव दियानी में एक सामान्य परिवार में हुआ था। प्रसिद्ध कवि बिशन सिंह दर्दी, मोहन सिंह सलाथिया, नमीं डोगरी संस्था के अध्यक्ष हरीश कैला, डा. सुषमा रानी सहित कई कवियों ने इनकी मौत पर गहरा दु:ख जताया है। साहित्यकारों ने कहा कि सपोलिया के निधन से डोगरी कविता को बड़ी क्षति पहुंची है। उन्होंने नए कवियों को तैयार किया, जो उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ेंगे।